पहाड़ी इलाकों में ताजी बर्फवारी और मैदान में बारिश
राष्ट्रीय खबर
श्रीनगरः सोमवार को कश्मीर घाटी में मौसम ने अचानक करवट ली, जिसके परिणामस्वरूप ऊपरी इलाकों में ताज़ा बर्फबारी हुई और मैदानी क्षेत्रों में बारिश हुई। इस आकस्मिक मौसमी बदलाव के कारण पूरे क्षेत्र के दिन के तापमान में तेज़ गिरावट दर्ज की गई है, जिससे घाटी में समय से पहले ही ठंड का एहसास होने लगा है।
अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, घाटी के कई प्रमुख उच्च-ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फ की चादर बिछ गई है। जिन क्षेत्रों में बर्फबारी की खबर है, उनमें अनंतनाग जिले का प्रसिद्ध सिंथन टॉप, उत्तरी कश्मीर के गुलमर्ग में अफरवत, महत्वपूर्ण ज़ोजिला पास, कुपवाड़ा में बंगस और गुरेज़ घाटी में राज़दान पास शामिल हैं। इन क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बर्फबारी हुई है, जो आगामी सर्दियों के मौसम का स्पष्ट संकेत है।
वहीं, श्रीनगर शहर सहित कश्मीर के मैदानी इलाकों में भी पूरे दिन हल्की से मध्यम तीव्रता की बारिश हुई। बर्फबारी और बारिश के इस संयोजन ने दिन के समय के अधिकतम तापमान को काफी नीचे धकेल दिया है। इस मौसमी परिवर्तन का सबसे बड़ा प्रभाव यह रहा कि घाटी का अधिकतम तापमान लगभग 10 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जिससे स्थानीय लोगों को दिन के समय भी जनवरी जैसी ठंडक महसूस हुई। रविवार को कई जगहों पर तापमान 22 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया था, लेकिन सोमवार को श्रीनगर में अधिकतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा।
मौसम विभाग ने पहले ही इस तरह के मौसमी घटनाक्रम की चेतावनी जारी कर दी थी। विभाग ने बताया था कि एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण, 5 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक जम्मू और कश्मीर और आस-पास के क्षेत्रों में व्यापक रूप से हल्की से मध्यम बारिश और उच्च क्षेत्रों में बर्फबारी होने की आशंका है।
विभाग ने यह भी आगाह किया था कि यह प्रणाली, जिसका चरम गतिविधि 5 अक्टूबर की रात से 7 अक्टूबर की सुबह तक था, अनंतनाग-पहलगाम, कुलगाम, पीर की गली, सोनमर्ग-ज़ोजिला, और गुलमर्ग जैसे ऊंचे क्षेत्रों में मध्यम से भारी बर्फबारी करा सकती है। इस अचानक आई ठंड और बारिश ने न केवल पर्यटन पर प्रभाव डाला है, बल्कि स्थानीय निवासियों को भी अपने रहन-सहन और गतिविधियों में बदलाव करने पर मजबूर कर दिया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों तक घाटी में गीला मौसम बने रहने का अनुमान लगाया है।