रक्षा सहयोग को मजबूत करने की पहल होगीः राजनाथ सिंह
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आगामी 9 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया के आधिकारिक दौरे पर जाने वाले हैं। इस उच्च-स्तरीय यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मज़बूत करना तथा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझा रणनीतिक हितों को आगे बढ़ाना है।
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब चीन की बढ़ती मुखरता के कारण हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए भारत और ऑस्ट्रेलिया जैसे समान विचारधारा वाले लोकतंत्रों के बीच गहरे तालमेल की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
इस यात्रा के दौरान, रक्षा मंत्री सिंह अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसमें रक्षा प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, संयुक्त सैन्य अभ्यास, और समुद्री सुरक्षा सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा होने की उम्मीद है।
दोनों देश पहले से ही मालाबार जैसे बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यासों में भागीदार हैं, जिसमें अमेरिका और जापान भी शामिल हैं। वार्ता का एक प्रमुख बिंदु रक्षा खरीद और रक्षा औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देना होगा। भारत मेक इन इंडिया पहल के तहत ऑस्ट्रेलिया को सैन्य उपकरण निर्यात करने की संभावनाएँ तलाश रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच खरीदार-विक्रेता के पारंपरिक संबंध से हटकर सह-उत्पादन और सह-विकास की ओर कदम बढ़ाया जा सके।
रणनीतिक दृष्टिकोण से, यह दौरा क्वाड समूह की भावना के अनुरूप है। दोनों देश एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के समर्थक हैं। राजनाथ सिंह की यात्रा इस बात पर ज़ोर देगी कि क्षेत्र में शांति और नियम-आधारित व्यवस्था बनाए रखने के लिए द्विपक्षीय साझेदारी कितनी महत्वपूर्ण है। समुद्री निगरानी, पनडुब्बी रोधी युद्ध और सूचना साझाकरण जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और विस्तृत करने पर सहमति बन सकती है।
इसके अलावा, रक्षा मंत्री का कार्यक्रम ऑस्ट्रेलियाई रक्षा प्रतिष्ठानों और प्रमुख रक्षा उद्योग के प्रतिनिधियों से मिलना भी निर्धारित है। यह आदान-प्रदान रक्षा स्टार्टअप्स और अनुसंधान एवं विकास में सहयोग के नए रास्ते खोल सकता है। यह दौरा न केवल दोनों देशों की सैन्य क्षमताओं को बढ़ाएगा, बल्कि एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी को भी मज़बूती प्रदान करेगा जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए आवश्यक है।