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भारत और रूस के बीच कैशलेस भुगतान

अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने की नई कवायद

  • मीर और यूपीआई को जोड़ा गया

  • पर्यटन और कारोबार में फायदा

  • सीधे लेनदेन के अनेक लाभ होंगे

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः रूस के सबसे बड़े बैंक, स्बरबैंक, ने भारतीय क्रेडिट प्रबंधन ऐप चेक के साथ एक ऐतिहासिक साझेदारी की है, जिससे रूसी पर्यटकों के लिए भारत में कैशलेस भुगतान करना संभव हो गया है। यह पहल दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य रूसी नागरिकों को भारत यात्रा के दौरान नकदी से संबंधित परेशानियों से मुक्ति दिलाना है, जिससे उनका अनुभव अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित हो सके।

विश्लेषकों का मानना है कि यह सहयोग न केवल मोबाइल बैंकिंग के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच संबंधों को गहरा करेगा, बल्कि यह दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। यह पहल रूसियों को भारत में खरीदारी, रेस्तरां में भोजन, और अन्य सेवाओं के लिए आसानी से डिजिटल भुगतान करने की सुविधा प्रदान करती है। इससे उन्हें भारतीय मुद्रा में नकदी निकालने या बदलने की आवश्यकता नहीं रहेगी, जो अक्सर यात्रा के दौरान एक बड़ी चुनौती होती है।

स्बरबैंक और चेक ऐप के बीच की यह साझेदारी रूस के मीर भुगतान प्रणाली और भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस के बीच एक सेतु का काम करेगी। मीर रूस की अपनी राष्ट्रीय भुगतान प्रणाली है, जबकि यूपीआई भारत में डिजिटल लेनदेन का सबसे लोकप्रिय और सफल माध्यम है। इस इंटीग्रेशन से रूसी पर्यटक सीधे अपने मीर कार्ड का उपयोग करके यूपीआई के माध्यम से भुगतान कर पाएंगे, जो कि भारत के लगभग हर छोटे-बड़े व्यापारी के पास उपलब्ध है।

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब भारत और रूस दोनों ही डिजिटल अर्थव्यवस्था और डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने पर जोर दे रहे हैं। यह साझेदारी न केवल पर्यटकों के लिए है, बल्कि यह भविष्य में दोनों देशों के बीच व्यापारिक लेनदेन को भी सरल बना सकती है। यह पहल दर्शाती है कि दोनों देश तकनीकी और आर्थिक सहयोग को लेकर कितने गंभीर हैं।

इसके अलावा, यह साझेदारी भारत को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में रूसी पर्यटकों के लिए और अधिक आकर्षक बनाएगी। नकदी-रहित भुगतान की सुविधा होने से पर्यटक बिना किसी झंझट के अपनी यात्रा का आनंद ले सकेंगे। यह पहल अन्य देशों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है, जो अपनी भुगतान प्रणालियों को भारत की यूपीआई प्रणाली के साथ जोड़ना चाहते हैं। कुल मिलाकर, यह साझेदारी दोनों देशों के बीच संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाने और डिजिटल युग में सहयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है।