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ईरान के सर्वोच्च नेता का फारसी नववर्ष पर नया आह्वान

प्रतिरोध अर्थव्यवस्था बनाए, क्षेत्रीय हमलों से किया इंकार

तेहरानः फारसी नव वर्ष (नौरोज़) के अवसर पर ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई ने राष्ट्र के नाम अपना संदेश जारी किया है। इस संदेश में उन्होंने आगामी वर्ष को राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रीय सुरक्षा के तहत प्रतिरोध अर्थव्यवस्था का वर्ष घोषित किया है। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब ईरान एक विनाशकारी युद्ध की आग में झुलस रहा है और उसकी अर्थव्यवस्था पर वैश्विक दबाव चरम पर है। मुजतबा खामेनेई ने अपने टेलीग्राम चैनल के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि तुर्की और ओमान में हुए हालिया हमलों में ईरान या उसके सहयोगी गुटों का कोई हाथ नहीं है।

ईरान अब अपने पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के बाद उनके पुत्र मुजतबा खामेनेई के नेतृत्व में है। पिछले 21 दिनों से जारी इस युद्ध ने पूरे मध्य पूर्व को अपनी चपेट में ले लिया है। अब तक इस संघर्ष में 2,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। अमेरिका और इज़राइल की सेनाएं रोजाना ईरानी ठिकानों पर हमले कर रही हैं, जबकि इज़राइल लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के खिलाफ भी मोर्चा खोले हुए है। इस युद्ध के कारण वैश्विक तेल बाजार में हाहाकार मचा हुआ है और कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई हैं।

ईरानी शासन ने अमेरिकी और इज़रायली हमलों के जवाब में बहरीन, जॉर्डन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब, तुर्की और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलें दागी हैं। तेहरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी देकर और जहाजों पर हमलों के जरिए दुनिया की 20% तेल आपूर्ति को ठप कर दिया है। यह कदम वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा आघात साबित हो रहा है, जिससे कई विकसित और विकासशील देश ऊर्जा संकट का सामना कर रहे हैं।

शांति की संभावनाएं फिलहाल क्षीण नजर आ रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य सफलताओं का दावा करते हुए कहा है कि अमेरिकी हमलों ने ईरान को शाब्दिक रूप से नेस्तनाबूद कर दिया है। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने किसी भी प्रकार के युद्धविराम या बातचीत की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान ने कभी संघर्ष विराम की मांग नहीं की है और वे तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक राष्ट्रपति ट्रंप को यह अहसास नहीं हो जाता कि यह एक अवैध युद्ध है जिसे जीता नहीं जा सकता।