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पाकिस्तानी हेलीकॉप्टर हवा में ही क्रैश

शक की सूई फिर से बलोच आतंकवादियों की तरफ

इस्लामाबादः एक पाकिस्तानी हेलीकॉप्टर हेलीपैड पर उतरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हादसा सोमवार को पाकिस्तान के गिलगित-बाल्टिस्तान के दियामर जिले के चिलास कस्बे के पास हुआ। हेलीकॉप्टर में सवार सभी 5 यात्रियों की मौत हो गई है। पाकिस्तानी पुलिस अधिकारी अब्दुल हामिद ने एक अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी को बताया कि हेलीकॉप्टर एक नए हेलीपैड पर परीक्षण लैंडिंग कर रहा था।

यह हादसा उसी समय हुआ। मरने वाले 5 यात्रियों में 2 पायलट और 3 तकनीशियन शामिल हैं। पाकिस्तानी सरकार के गिलगित-बाल्टिस्तान प्रांत के प्रवक्ता फैजुल्लाह फराक ने एक बयान में कहा कि हेलीकॉप्टर चिलास इलाके में दुर्घटनाग्रस्त होकर नष्ट हो गया। हालाँकि, पाकिस्तानी सरकार ने दुर्घटना के कारणों के बारे में कुछ नहीं कहा है।

पाकिस्तानी मीडिया सूत्रों के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर एमआई-17 मॉडल का हेलीकॉप्टर था। लेकिन सवाल यह है कि यह दुर्घटना क्यों हुई। यह सवाल इसलिए खड़ा हो रहा है क्योंकि इस इलाके में बलूच आतंकवादी समूह अत्यधिक सक्रिय हैं।

इन समूहों ने हाल के दिनों में पाकिस्तान की सेना और पुलिस पर एक नहीं अनेक हमले किये हैं। दूसरी तरफ पाकिस्तान इसके पीछे टीटीपी नामक संगठन को जिम्मेदार मानता है और यह आरोप लगाता है कि इस संगठन को अफगानिस्तान के तालिबान का समर्थन प्राप्त है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय के अनुसार, यह महज एक दुर्घटना नहीं है। बल्कि, माना जा रहा है कि इसके पीछे बलूचों का हाथ हो सकता है। क्योंकि, पिछले महीने पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर की अमेरिका यात्रा के दौरान, बलूचिस्तान के स्वतंत्रता सेनानियों को एक विदेशी आतंकवादी संगठन का तमगा दिया गया था।

बलूचों के सहयोगी मजीद ब्रिगेड को भी आतंकवादी तमगा दिया गया है। इसीलिए बलूच पाकिस्तानी सरकार से बेहद नाराज़ हैं। पाकिस्तानी सेना पर पहले भी कई हमले हो चुके हैं। बलूच स्वतंत्रता सेनानी बार-बार हमला करने को बेताब रहते हैं। इसलिए, सोमवार को गिलगित-बाल्टिस्तान में हुए हेलीकॉप्टर हादसे के पीछे बलूच लिबरेशन आर्मी का हाथ होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हाल ही में, खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आई भीषण बाढ़ में राहत कार्य के दौरान एक सरकारी एमआई-17 हेलीकॉप्टर भी दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।