Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
परिमल नथवाणी का आना महज राजनीति नहीं मानिए क्वांटम प्रयोग में परमाणु उल्टा घूमता देखा गया स्थानीय स्तर पर झड़पों में 25 नागा महिला घायल भूपेंद्र यादव के घऱ जुटे थे टीएमसी के सांसद फिलीपींस के मिंडानाओ में 7.8 तीव्रता का भूकंप Mamata Banerjee Silence: क्या इंडिया गठबंधन में कमजोर हुई ममता की पकड़? प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखीं 'न... टीएमसी सांसद सुखेंदु शेखर राय ने पार्टी छोड़ी Srinagar Crime News: ड्रग तस्करों पर श्रीनगर पुलिस का बड़ा प्रहार; ₹4 करोड़ की अवैध संपत्ति की गई जब्... सीमा पार ड्रग सिंडिकेट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच Delhi Airport News: दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा; तेज हवाओं के कारण एयर इंडिया के 3 विमान क्षतिग्रस्...

एन बीरेन सिंह के ऑडियो टेप मामले में स्पष्ट रिपोर्ट नहीं

फोरेंसिक रिपोर्ट गलत दिशा में चली गयी हैः सुप्रीम कोर्ट

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) की उस दलील पर असंतोष व्यक्त किया जिसमें कहा गया था कि वह उस लीक टेप की प्रामाणिकता स्थापित नहीं कर सका जिसमें मणिपुर के तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह कथित तौर पर 2023 में मीतेई और कुकी लोगों के बीच हुए जातीय संघर्ष में अपनी संलिप्तता का बखान करते सुने जा सकते हैं।

शीर्ष अदालत ने कहा कि उसे केवल इस बात की चिंता है कि बीरेन सिंह और टेप में मिले आवाज़ के नमूने मेल खाते हैं या नहीं। हमने सीएफएसएल से टेप की प्रामाणिकता के बारे में नहीं पूछा है। हम यह जानना चाहते हैं कि व्यक्ति की स्वीकार की गई आवाज़ के साथ आवाज़ के नमूनों का परीक्षण करने के बाद, क्या यह पहचाना जा सकता है कि दोनों में एक ही व्यक्ति बोल रहा है? अदालत ने केंद्रीय फोरेंसिक लैब की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर-जनरल ऐश्वर्या भाटी से पूछा।

न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने यह टिप्पणी तब की जब भाटी ने दलील दी कि सीएफएसएल उसे सौंपे गए टेप की प्रामाणिकता स्थापित करने में सक्षम नहीं है। पीठ ने टिप्पणी की, पूरी प्रक्रिया गलत दिशा में जा रही है और केवल अस्पष्ट उत्तर दिए जा रहे हैं।

पीठ ने बीरेन की बेटी द्वारा दायर हस्तक्षेप याचिका को खारिज कर दिया, जिन्होंने इस मामले में अदालत की सहायता करने की अनुमति मांगी थी। पीठ याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वकील प्रशांत भूषण के इस तर्क से भी सहमत नहीं थी कि सीएफएसएल निष्पक्ष रूप से काम नहीं कर रहा है क्योंकि यह एनडीए सरकार के प्रशासनिक नियंत्रण में है। दरअसल इस टेप के संबंध में कुकी लोगों ने आरोप लगाया था कि राज्य में हिंसा को बढ़ावा देने में खुद एन बीरेन सिंह की जिम्मेदार हैं, जिनकी अमित शाह से बात चीत का ऑडियो टेप ही अदालत में पेश किया गया है।