पहाड़ पर बादल फटने से अचानक नीचे तक आयी भीषण बाढ़
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बचाव दलों को रवाना किया गया है
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अब तक सिर्फ चार की मौत की खबर
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नुकसान का आकलन तुरंत नहीं हो सकता
राष्ट्रीय खबर
देहरादूनः उत्तरकाशी के धराली गाँव में मंगलवार को बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई और भारी मलबा खिसक गया। दरअसल ऊपर के पहाड़ी इलाकों में भीषण तेज बारिश और कहीं बादल फटने से ऊपर से ही पानी और पत्थरों का विशाल रेला नीचे की तरफ बहुत तेज गति से आ गया। जिसकी वजह से यह तबाही आयी। भारतीय सेना, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल के बल, अन्य बचाव दलों के साथ, घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। यह क्षेत्र लोकप्रिय पर्यटन स्थल हर्षिल से 10 किलोमीटर दूर स्थित है।
अधिकारियों के अनुसार, इस क्षेत्र में बादल फटने के कारण बाढ़ आई थी और इलाके को खाली नहीं कराया गया था। ज़िला मजिस्ट्रेट प्रशांत आर्य ने कहा, गाँव ऊँचाई पर था, लेकिन इस इलाके में होटल और दुकानें जैसी व्यावसायिक गतिविधियाँ चलती थीं। हमें अभी तक नुकसान का आकलन नहीं हो पाया है, लेकिन प्रारंभिक रिपोर्टों से संपत्ति को भारी नुकसान होने का संकेत मिल रहा है।
पत्रकारों से बात करते हुए, डीएम आर्य ने कहा कि अब तक चार लोगों के मारे जाने की खबर है। प्रशासन की टीम उस समय इलाके में मौजूद आबादी का अनुमान लगाने के लिए ग्रामीणों से जानकारी जुटा रही है। एसडीआरएफ कमांडेंट अर्पण यदुवंशी ने बताया कि 20 किलोमीटर दूर तैनात उनकी टीम रास्ते में है।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 1:50 बजे, भटवारी तहसील के अंतर्गत खीर गंगा में जलस्तर बढ़ने के कारण, धराली बाजार क्षेत्र में भारी मलबा घुस आया, जिससे कुछ इमारतों, होटलों और दुकानों को नुकसान पहुँचा है। उत्तराखंड आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि आस-पास के अस्पतालों के साथ-साथ ऋषिकेश स्थित एम्स में भी बिस्तर आरक्षित कर दिए गए हैं और घटनास्थल पर एम्बुलेंस भेजी जा रही हैं।
भटवारी की उपजिला मजिस्ट्रेट शालिनी नेगी ने कहा कि उन्हें जानमाल के नुकसान की आशंका है। उन्होंने कहा, हमें अभी तक व्यापक आकलन नहीं मिला है और हम इलाके की ओर तेज़ी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने आगे बताया कि सेना धराली पहुँच गई है और हर्षिल में उनका एक शिविर होने के कारण लोगों को निकालने का काम शुरू कर दिया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि हालाँकि इलाके में पर्यटकों की संख्या कम थी, लेकिन जब यह हादसा हुआ, तब पास में ही एक स्थानीय उत्सव चल रहा था।