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जबरन घूस लेने में सीमा शुल्क अधीक्षक गिरफ्तार

सहार कार्गो कॉम्प्लेक्स में जाल बिछाकर भ्रष्ट अफसर को फांसा

राष्ट्रीय खबर

मुंबईः मुंबई में, केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने मुंबई के सहार स्थित एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स में तैनात एक सीमा शुल्क अधीक्षक को गिरफ्तार किया है, जिस पर एक कस्टम हाउस एजेंट (सीएचए) फर्म से 10.20 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है। यह कार्रवाई तब हुई जब सीबीआई को एक शिकायत मिली, जिसमें आरोप लगाया गया था कि यह अधिकारी, अपने वरिष्ठों के साथ मिलकर, माल की सुचारू निकासी के लिए प्रति किलोग्राम 10 रुपये की रिश्वत मांग रहा था।

शिकायत के अनुसार, जब फर्म ने रिश्वत देने से मना कर दिया, तो आरोपी ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया और जानबूझकर उनके माल को रोक दिया। इस तरह की धमकी और उत्पीड़न के कारण, फर्म को अंततः सीबीआई से संपर्क करना पड़ा।

सीबीआई ने इस मामले की गहन जाँच की। 25 जुलाई, 2025 से 1 अगस्त, 2025 के बीच, स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में कई बार सत्यापन किया गया। इस दौरान रिकॉर्ड की गई बातचीत और अन्य सबूतों से यह पुष्टि हुई कि अधिकारी वास्तव में रिश्वत की मांग कर रहा था।

जाँच के दौरान यह सामने आया कि अधिकारी ने तीन अलग-अलग मदों में रिश्वत की मांग की थी। पहले से स्वीकृत माल को जारी करने के लिए: उसने 6 लाख रुपये की मांग की, जिसमें से 5,80,000 रुपये उसके वरिष्ठ अधिकारियों के लिए और 20,000 रुपये उसके खुद के हिस्से के लिए थे। वर्तमान में रोके गए माल को जारी करने के लिए: उसने 7 लाख रुपये की मांग की। भविष्य में माल की सुचारू निकासी के लिए: उसने प्रति किलोग्राम 10 रुपये की दर से रिश्वत की मांग की।

जाँच के बाद, सीबीआई ने जाल बिछाकर आरोपी को 10.20 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। यह कार्रवाई सीमा शुल्क विभाग में भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले को उजागर करती है। सीबीआई ने इस मामले में न केवल गिरफ्तार अधिकारी के खिलाफ, बल्कि इसमें शामिल अन्य अज्ञात लोक सेवकों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। इस तरह के मामले सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करते हैं और यह बताते हैं कि कैसे कुछ अधिकारी अपनी शक्ति का दुरुपयोग करके निजी लाभ के लिए फर्मों और व्यापार को नुकसान पहुंचाते हैं। यह गिरफ्तारी सीबीआई के भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।