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मोदी और शाह से राष्ट्रपति की मुलाकात के मायने

दिल्ली दरबार में अटकलबाजी का बाजार फिर गर्म हुआ

  • पहले नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति भवन गये

  • कार्यालय से भेंट की तस्वीरें जारी हुई

  • चुनाव में क्रास वोटिंग की भी चर्चा तेज

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः राष्ट्रपति मुर्मू ने मोदी-शाह से लगातार मुलाकात की, क्या पृष्ठभूमि में उपराष्ट्रपति चुनाव है? जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था। उपराष्ट्रपति चुनाव 9 सितंबर को होगा। उससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अलग-अलग मुलाकात की।

माना जा रहा है कि कल की हाई प्रोफाइल मुलाकात उपराष्ट्रपति पद के चुनाव से जुड़ी है। रविवार को मुर्मू ने सबसे पहले राष्ट्रपति भवन में मोदी से मुलाकात की। बाद में उन्होंने शाह से भी अलग से मुलाकात की। हालांकि, दोनों बैठकों में क्या चर्चा हुई, यह सार्वजनिक नहीं किया गया है। हालांकि, राष्ट्रपति भवन की ओर से दोनों बैठकों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर जारी की गई हैं।

मोदी-मुर्मू की तस्वीर के कैप्शन में लिखा है, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इसी तरह, शाह-मुर्मू मुलाकात की तस्वीर के कैप्शन में लिखा है— नए उपराष्ट्रपति के चयन को लेकर चल रही गहमागहमी के बीच यह मुलाकात जितनी महत्वपूर्ण है, उतनी ही महत्वपूर्ण इसलिए भी है क्योंकि पिछले मंगलवार और बुधवार को संसद के बंद कमरे में ऑपरेशन सिंदूर पर भी चर्चा हुई थी।

मोदी और शाह, दोनों ने वहाँ अपने-अपने वक्तव्य रखे। उन्हें विपक्ष के कड़े सवालों का भी सामना करना पड़ा। केंद्र में सत्तारूढ़ दल पर विपक्षी दलों का बिहार समेत पूरे देश में सघन सर्वेक्षण कराने का दबाव है। इसी माहौल में मोदी और शाह ने रविवार को राष्ट्रपति भवन जाकर मुर्मू से अलग-अलग मुलाकात की।

दूसरी तरफ यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि इस मुलाकात के पीछे दरअसल भाजपा के अंदर पनपते विवाद भी एक वजह हो सकती है। अपुष्ट जानकारी के मुताबिक पार्टी का एक तबका अब खुलकर गुजरात लॉबी के विरोध पर उतर आया है, जिनके पीछे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कद्दावर नेताओं का हाथ है। इस वजह से सत्तारूढ़ लॉबी को यह भय भी सता रहा है कि उपराष्ट्रपति के चुनाव में क्रास वोटिंग होने पर सरकारी प्रत्याशी की हार हो सकती है। इस चुनाव में पार्टी का ह्विप भी जारी नहीं किया जाता और यह गुप्त मतदान के जरिए संपन्न कराया जाता है।