एक्सएफजी संक्रमण से बदल रही है आवाज भी
सिओलः कोरोना वायरस एक बार फिर दुनिया के कुछ हिस्सों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है, और इस बार दक्षिण पूर्व एशिया में एक्सएफजी नामक एक नया स्ट्रेन चर्चा का विषय बना हुआ है। कई दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों में इसका संक्रमण फैल चुका है, जिससे स्वास्थ्य अधिकारी और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) सक्रिय हो गए हैं। हालांकि, डब्ल्यूएचओ ने फिलहाल राहत की खबर दी है कि यह वायरस अभी तक इतना खतरनाक रूप नहीं ले पाया है जितना कि पिछले कुछ वेरिएंट्स ने लिया था।
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, एक्सएफजी स्ट्रेन दक्षिण पूर्व एशिया के विभिन्न देशों में फैल चुका है, लेकिन इसकी संक्रमण दर अन्य वेरिएंट्स से खास अलग नहीं है, जिसका अर्थ है कि इसका संक्रमण उतना गंभीर प्रतीत नहीं होता। वर्तमान में, विश्व स्वास्थ्य संगठन इस स्ट्रेन पर बारीकी से नज़र रख रहा है और लगातार इसकी निगरानी कर रहा है। यह स्ट्रेन ओमिक्रॉन के अन्य सबवेरिएंट्स से बहुत अलग नहीं है, जो यह दर्शाता है कि यह ओमिक्रॉन परिवार का ही एक और सदस्य हो सकता है।
नए वायरस के हमले के लक्षणों के बारे में भी डब्ल्यूएचओ ने जानकारी दी है। हालांकि, एक लक्षण जो एक्सएफजी को अन्य वेरिएंट्स से अलग करता है, वह है आवाज़ में बदलाव। एक्सएफजी से संक्रमित होने पर आवाज़ कर्कश और भारी हो सकती है, जो इसे एक अनूठा संकेत बनाता है।
इस वायरस के अन्य सामान्य लक्षण भी बताए गए हैं, जो पिछले कोरोनावायरस संक्रमणों में देखे गए थे। बुखार, ठंड लगना, साँस लेने में तकलीफ, गले में खराश, थकान, सिरदर्द, मतली, चक्कर आना, शरीर की विभिन्न मांसपेशियों में दर्द, भोजन का स्वाद न आना, दस्त या पेट खराब होना।
अब तक, यह संक्रमण 38 देशों में फैल चुका है, जो इसकी वैश्विक पहुँच को दर्शाता है, भले ही इसकी गंभीरता कम हो। डब्ल्यूएचओ की लगातार निगरानी और समय-समय पर जारी की जाने वाली जानकारी महत्वपूर्ण है ताकि लोग जागरूक रहें और आवश्यक सावधानी बरतें। हालांकि एक्सएफजी को अभी तक खतरनाक घोषित नहीं किया गया है, लेकिन नए वेरिएंट्स के उद्भव से यह स्पष्ट है कि कोरोनावायरस अभी भी हमारे बीच है और सतर्कता बनाए रखना महत्वपूर्ण है। मास्क पहनना, सामाजिक दूरी बनाए रखना और स्वच्छता के नियमों का पालन करना अभी भी संक्रमण को रोकने में सहायक हो सकता है।