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म्यांमार सीमा पर असम राइफल्स की सफलता

पूर्वोत्तर में नशीले पदार्थ और हथियार तस्करी पर बड़ी कार्रवाई

  • मेथमफेटामाइन की लाखों गोलियां जब्त

  • पांच के खिलाफ एनआईए का आरोप पत्र

  • नशे के साथ साथ हथियार भी बरामद हुए

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटीः भारत-म्यांमार सीमा से सटे राज्य, लंबे समय से नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी के केंद्र रहे हैं। हाल ही में इन क्षेत्रों में हुई बड़ी कार्रवाइयों ने इस खतरे की गंभीरता को एक बार फिर उजागर किया है। असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस सहित विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर करोड़ों रुपये के मादक पदार्थ जब्त किए हैं और कई अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिससे इस अवैध व्यापार के खिलाफ उनकी प्रतिबद्धता मजबूत हुई है।

असम राइफल्स ने मिजोरम के चम्फाई जिले में, भारत-म्यांमार सीमा के पास, 112.40 करोड़ मूल्य की मेथमफेटामाइन की 3.33 लाख गोलियां जब्त की हैं। यह कार्रवाई ज़ोखावथर गाँव में एक गश्त के दौरान हुई, जब जवानों ने दो संदिग्धों को देखा। हालांकि, वे संदिग्ध तियाउ नदी में कूदकर म्यांमार भागने में सफल रहे। जब्त की गई मेथ, जो चम्फाई शहर में वितरित की जानी थी, आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मिजोरम पुलिस को सौंप दी गई है।

इसी बीच, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मिजोरम में प्रतिबंधित हथियारों और गोला-बारूद की जब्ती से जुड़े एक मामले में पांच व्यक्तियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। ये हथियार कथित तौर पर बांग्लादेश के चटगांव क्षेत्र में स्थित आतंकवादी समूह यूनाइटेड पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट को आपूर्ति किए जाने थे।

आरोपियों की पहचान लालबियाकचुंगा, लालथावमचेउवा, मालसावमा, रुआलियनसंगा और आलोक बिकाश चकमा के रूप में की गई है। इन पर भारतीय न्याय संहिता 2023, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967, शस्त्र अधिनियम, 1959 और विदेशी अधिनियम, 1946 के तहत आरोप लगाए गए हैं। एनआईए की जांच में खुलासा हुआ है कि जब्त की गई छह एके-47 राइफलें, 13 मैगजीन और 10,050 राउंड गोला-बारूद यूपीडीएफ के सशस्त्र कार्यकर्ताओं की क्षमता बढ़ाने के लिए थे।

मणिपुर में भी सुरक्षा बलों ने पिछले 24 घंटों में 18 करोड़ मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए हैं और आठ उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। मणिपुर पुलिस और सीआरपीएफ की एक संयुक्त टीम ने चुराचंदपुर से कांगपोकपी की ओर जा रही एक कार से संदिग्ध हेरोइन/ब्राउन शुगर से भरे 196 साबुन के डिब्बे (लगभग 2.193 किलोग्राम) जब्त किए। इस मामले में दो मादक पदार्थ तस्करों, गिनमिनलेन हाओकिप और होल्मिनलेन खोंगसल को गिरफ्तार किया गया है।

इसके अतिरिक्त, सेनापति जिले में माओ पुलिस चौकी पर लगभग 22 किलोग्राम सूखे गांजे से भरे 18 प्लास्टिक के पैकेट बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 2.18 लाख है। इस मामले में अजमीर शरीफ और इलियास अली शाह को गिरफ्तार किया गया। इंफाल पश्चिम जिले में प्रतिबंधित कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी के एक कार्यकर्ता श्यामचंद सिंह को भी गिरफ्तार किया गया, जो बिष्णुपुर और थौबल जिलों में जबरन वसूली की गतिविधियों में शामिल था।

सुरक्षा बलों ने बिष्णुपुर और कांगपोकपी जिले से एक एके-56 राइफल, एक .303 राइफल, एक .303 लाइट मशीन गन, एक डबल बैरल और दो सिंगल बैरल बंदूकों सहित कई हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए। इसके अलावा, मणिपुर के तीन जिलों से विभिन्न प्रतिबंधित संगठनों के आठ उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है।