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दक्षिण पूर्व एशिया की कूटनीति में अचानक हुआ बड़ा बदलाव

रूस ने तालिबान शासन को दी मंजूरी

  • रूस के विदेश मंत्रालय का एलान हुआ

  • सर्गेई लावारोव ने इसकी सिफारिश की

  • पुतिन ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है

मास्कोः रूस ने अफगानिस्तान में तालिबान शासन को औपचारिक मान्यता दे दी है।  रूस की मीडिया ने गुरुवार को विदेश मंत्रालय के हवाले से अपनी रिपोर्ट कहा, हमारा मानना है कि अफगानिस्तान की इस्लामिक अमीरात सरकार को आधिकारिक मान्यता देने से विभिन्न क्षेत्रों में हमारे देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने में गति मिलेगी।

गौरतलब है कि  तालिबान (एक इस्लामी आतंकवादी समूह) ने अमेरिका समर्थित सरकार को गिराने के बाद अगस्त 2021 में अमेरिकी और नाटो बलों की वापसी के उपरांत अफगानिस्तान पर नियंत्रण कर लिया था। रूस के देश को मान्यता देने के फैसले के बारे में रिपोर्टों पर टिप्पणी करने के लिए कहे जाने पर मंत्रालय के एक प्रतिनिधि ने कहा,  विदेश मंत्रालय इसकी पुष्टि करता है।

तास न्यूज एजेंसी ने रूस के विदेश मंत्रालय के अधिकारी दिमित्री झिरनोव के हवाले से कहा,  रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव की सिफारिश पर अफगानिस्तान के इस्लामी अमीरात को मान्यता देने का फैसला किया है, ताकि मास्को के संबंधों को विकसित करने के इरादे को दिखाया जा सके।

उन्होंने रोसिया-1 टेलीविजन को कहा,  यह एक ऐसा निर्णय है, जो रूसी विदेश मंत्री के सुझाव पर रूसी संघ के राष्ट्रपति ने सैद्धांतिक रूप से लिया है। यह अफगानिस्तान के साथ एक व्यापक साझेदारी स्थापित करने की रूस की ईमानदार इच्छा को दर्शाता है। इससे पहले गुरुवार को उप विदेश मंत्री एंड्री रुडेंको ने रूस में अफगानिस्तान के नये राजदूत गुल हसन से परिचय पत्र स्वीकार किये।

गुल हसन एक जुलाई को मास्को आये थे।  इससे पहले 17 अप्रैल को रूस के उच्चतम न्यायालय ने देश में तालिबान की गतिविधियों पर प्रतिबंध को निलंबित करने के लिए महा अभियोजक की याचिका को मंजूरी दी थी। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि आतंकवादी समूह के रूप में तालिबान की स्थिति को हटाने से रूस और अफगान के लोगों के हितों में काबुल के साथ एक व्यापक साझेदारी बनाने का रास्ता खुल गया है।