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दो मित्र देशों की जंग से भारत की परेशानियां बढ़ी

संघर्ष रोकने का संदेश दिया, हालत पर नजर

  • भारतीयों को भी हिदायत दी गयी

  • दोनों पक्ष बातचीत से समाधान निकालें

  • विदेश मंत्रालय ने औपचारिक बयान दिया

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः भारत ने ईरान-इजराइल संघर्ष पर चिंता जताई है। दोनों देशों के बीच मिसाइल संघर्ष के बाद विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि पूरे हालात पर नजर रखी जा रही है। नई दिल्ली ने दोनों पक्षों से संघर्ष टालने और बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकालने की अपील की है।

ईरान में रह रहे भारतीयों के लिए भी खास निर्देश जारी किए गए हैं। तेल अवीव ने शुक्रवार सुबह ऑपरेशन राइजिंग लॉयन लॉन्च किया। हवाई हमलों में ईरानी सैन्य ठिकानों और परमाणु हथियार ठिकानों को निशाना बनाया गया। नतीजतन, ईरानी आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ मोहम्मद बाघेरी, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कमांडर होसैन सलामी और ईरान के इमरजेंसी कमांड कमांडर मारे गए।

इसके अलावा, हमले में दो परमाणु वैज्ञानिक फेरेदून अब्बासी-दवानी और मोहम्मद मेहदी तेहरांची मारे गए। इसके बाद से ईरान ने इजरायल को जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। मध्य पूर्व में युद्ध की लपटें उठ रही हैं।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने गर्म हालात में लंबा बयान जारी किया है। इसमें कहा गया है, हम ईरान और इजरायल के हालिया हालात से बेहद चिंतित हैं। हमें परमाणु प्रयोगशालाओं पर हमलों की रिपोर्ट मिली है। भारत दोनों पक्षों से संघर्ष रोकने की अपील करता है। हमें बातचीत के जरिए समस्या को सुलझाने की कोशिश करनी चाहिए।

स्थिति को नियंत्रण में रखना चाहिए। विदेश मंत्रालय के बयान में दोनों देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों की भी याद दिलाई गई। इसमें कहा गया, भारत की ईरान और इजरायल दोनों के साथ घनिष्ठ मित्रता है। भारत कोई भी मदद करने के लिए तैयार है। दोनों देशों में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक हैं।

भारतीय दूतावास और उच्चायोग उनके संपर्क में हैं। बयान में विदेश मंत्रालय ने ईरान और इजरायल में भारतीयों से कहा है कि वे स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। भारतीयों को सतर्क रहने की भी हिदायत दी गई है। हालांकि, नई दिल्ली ने अभी दोनों देशों से भारतीयों को निकालने का फैसला नहीं किया है।