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जेएससीए के चुनाव में अमिताभ चौधरी के परिजनों की आपत्ति

चुनाव अधिकारी को पत्र लिखकर जानकारी दी

  • स्वर्गीय पिता की बीमारी का फायदा उठाया

  • पुश्तैनी संपत्ति हड़पने में भी शामिल रहे

  • स्टेडियम से निजी कमाई का धंधा चला रहे

राष्ट्रीय खबर

रांचीः झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसियेशन के चुनाव में मोर्चाबंदी तेज है। इसके बीच ही दिवंगत अमिताभ चौधरी के पुत्र और पुत्री ने चुनाव अधिकारी एनएन पांडेय को पत्र लिखकर अपनी नाराजगी दर्ज करायी है। इस पत्र में इस बात की शिकायत दर्ज करायी गयी है कि चंद लोग, जो अनेक किस्म की अवैध गतिविधियों में लिप्त रहे हैं, अब इस चुनाव में खुद को अमिताभ के लोग बताकर लोगों को भ्रमित करने तथा वोट हासिल करने की साजिश रच रहे हैं।

पत्र में कुछ लोगों का स्पष्ट नाम लिया गया है और यह बताया गया है कि वे किस किस्म की गड़बड़ी में शामिल रहे हैं। चुनाव में खड़े राजकुमार शर्मा, उनके व्यापारिक सहयोगी रंजीत कुमार सिंह और अरुण कुमार राय ने अमिताभ चौधरी के परिवार के रामगढ़ स्थित एक मकान पर कब्जा करने की कोशिश की थी। इसका मामला राजरप्पा थाना में दर्ज किया गया है। घर के लोगों को अलग अलग नंबरों से व्हाट्सएप से धमकियां दी जा रही हैं, जिसकी शिकायत साइबर थाना में दर्ज करायी गयी है।

इस पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि रंजीत कुमार सिंह ने मधुबनी और दरभंगा में स्वर्गीय अमिताभ चौधरी के परिवार की संपत्ति अनेक पेड़ काट दिये हैं तथा यह बताया गया है कि पिता के गंभीर रुप से बीमार होने के दौरान पटना के एक फ्लैट को बहुत सस्ते में खरीद लिया है। इसी तरह अमिताभ के लोग समूह के एक अन्य व्यक्ति एसबी सिंह ने पिता (अमिताभ चौधरी) की बीमारी का फायदा उठाकर दरभंगा और मधुवनी की जमीन किसी दलाल के हाथों बिकवा दी और जमीन बिक्री का अधिकांश पैसा अपने पास रख लिया।

इस किस्म के कई लोग जेएससीए स्टेडियम में सक्रिय हैं, जिनका अवैध कारोबार ही इस स्टेडियम की बदौलत चल रहा है। स्टेडियम में गैर क्रिकेट गतिविधियों में इनकी ठेकेदारी है और कैटरिंग, टेंट अथवा लोगों के ठहरने के इंतजाम में भी वे लोग गड़बड़ी कर अपनी जेब भर रहे हैं।

स्वर्गीय अमिताभ चौधरी के पुत्र अभिषेक चौधरी और पुत्री नियति चौधरी ने इस पत्र के माध्यम से चुनाव अधिकारी को ऐसे लोगों द्वारा अमिताभ चौधरी के नाम के दुरुपयोग पर रोक लगाने की मांग की है और कहा है कि ऐसे भ्रष्ट लोगों का अमिताभ चौधरी के साथ कोई निजी रिश्ता कभी नहीं रहा है। अमिताभ चौधरी के वंशज होने के नाते इस किस्म की गलत कार्रवाइयों का विरोध करना जायज है और ऐसे भ्रष्ट लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।