सोशल मीडिया पर अचानक फैलायी गयी मौत की झूठी खबर
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः शनिवार को सोशल मीडिया पर ऐसी अफ़वाहें उड़ीं कि पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री और क्रिकेटर इमरान खान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस द्वारा ज़हर दिए जाने के बाद हिरासत में मौत हो गई। यह अटकलें पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक फ़र्जी प्रेस विज्ञप्ति के बाद और बढ़ गईं, जिसमें कहा गया था कि खान की अदियाला जेल में मौत हो गई है और मामले की जांच चल रही है। इस फर्जी विज्ञप्ति को आनन फानन में भारत में भी कुछ खास वर्गों के द्वारा शेयर किया गया।
भारत-पाकिस्तान युद्ध विराम की घोषणा के समय सोशल मीडिया पर यह फ़र्जी ख़बर प्रसारित हुई। व्हाट्सएप और सोशल प्लेटफ़ॉर्म पर व्यापक रूप से प्रसारित फ़र्जी विज्ञप्ति में दावा किया गया कि, हम बहुत खेद और गंभीरता के साथ यह पुष्टि करते हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की न्यायिक हिरासत में मृत्यु हो गई। यह घटना ऐसी परिस्थितियों में हुई, जिसकी अभी गहन जांच की जा रही है।
इस घटना ने पूरे देश और उसके बाहर सदमे की लहरें फैला दी हैं, और पाकिस्तान सरकार स्थिति की गंभीरता को स्वीकार करती है। हम इस दुखद घटना के पीछे के कारणों और जवाबदेही का पता लगाने के लिए पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। फर्जी विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार निकायों के साथ बातचीत कर रहा है और नागरिकों से शांत रहने तथा शांतिपूर्ण और धैर्यवान बने रहने का आग्रह किया है। अन्य पोस्ट में झूठा दावा किया गया कि खान जेल से भाग गया है, जिससे भ्रम और बढ़ गया।
इमरान खान भ्रष्टाचार के एक मामले में 14 साल की जेल की सजा काटते हुए अदियाला जेल में बंद हैं। 9 मई को, मीडिया रिपोर्टों में कहा गया कि खान द्वारा गठित पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने अदालत में याचिका दायर की थी, जिसमें उन्हें डर था कि हिरासत में रहने के दौरान उन्हें भारतीय ड्रोन हमलों का निशाना बनाया जा सकता है।
इमरान खान, एक क्रिकेट नायक, जिन्होंने 1992 में पाकिस्तान को विश्व कप जीत दिलाई, 1996 में पीटीआई की स्थापना करके राजनीति में आए। वह 2018 में प्रधानमंत्री बने और 2022 तक पद पर रहे। उन्हें 2023 में भ्रष्टाचार के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था।