कांग्रेस ने बोरसोला में महंगाई और भ्रष्टाचार को लेकर भाजपा पर साधा निशाना
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भाजपा अब बिहार और यूपी की संस्कृति ला रही है
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राजनीतिक हिंसा के पीछे शासक दल का एजेंडा
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असम में पहले का राजनीतिक माहौल ऐसा नहीं था
भूपेन गोस्वामी
गुवाहाटी : असम में कांग्रेस के सांसद प्रद्युत बोरदोलोई पर पर जानलेवा हमला किया गया। यह हमला रविवार शाम को नगांव जिले के धिंग इलाके में किया गया। हमले में विधायक शिवमणि बोरा की गाड़ी को भी निशाना बनाया गया । सांसद प्रद्युत ने कहा है कि हमलावर काले कपड़े पहने हुए थे और वे जान से मारने के इरादे से हमला किया।
विधायक शिवमणि ने बताया कि 15 से 20 की संख्या में हमलावरों ने रॉड से हमला किया । सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, जब वह काफिले के साथ जा रहे थे, तो अचानक उनपर हमला कर दिया गया । हमलावर दोनों ओर से गाड़ी पर टूट पड़े। पत्थर और हॉकी स्टिक से हमला किया, जिसमें कार के शीशे टूट गए हमें चोट लगी।
वे हमें मारने की कोशिश कर रहे थे। मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि भाजपा क्या संदेश देना चाहती है । गोपीनाथ बोरदोलई, विधायक शिवमणि बोरा और एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव महसीन खान सहित कई कांग्रस नेताओं पर हुए हमले की घटना की असम संयुक्त मोर्चा ने तीव्र निंदा की है।
असम मित्र गठबंधन के अध्यक्ष और सांसद अजीत कुमार भुइयां और महासचिव तथा असम नेशनल काउंसिल के अध्यक्ष लूरिन ज्योति गोगोई ने आज एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि असम के राजनीतिक इतिहास में हिंसा का कोई संबंध नहीं था। असम की राजनीति प्रतिस्पर्धा, प्रतिस्पर्धा और मित्रवत थी।
राजनीतिक प्रतिस्पर्धियों को शत्रु के रूप में जानने का माहौल असम में नहीं था। ऐसा माहौल पूर्व में बिहार-उत्तर प्रदेश आदि राज्यों में ही हिंसा के समाचार पत्रों में पढ़ने को मिलता था। लेकिन भाजपा पार्टी और हिमंत विश्व शर्मा सरकार की मेहरबानी से वह संस्कृति अब असम में आयात हो गई है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
असम पुलिस ने 27 अप्रैल, 2025 को नागांव जिले के डुमदुमिया डिंग में पंचायत चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई पर हुए हमले के पीछे कथित मास्टरमाइंड की पहचान कर ली है। इस घटनाक्रम के बाद, असम पुलिस के आईजीपी अखिलेश कुमार सिंह ने सोमवार को बटद्रवा पुलिस स्टेशन में मीडिया को संबोधित किया और खुलासा किया कि पुलिस ने हमले के मुख्य संदिग्ध की पहचान मदुल इस्लाम के रूप में की है, जो कांग्रेस से निष्कासित सदस्य है और मोरीगांव जिले के भूरागांव का निवासी है। आईजीपी सिंह ने आश्वासन दिया कि असम पुलिस हमले में शामिल सभी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी।