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मोदी सरकार ने साल के पहले दी किसानों को दी खुशखबरी

किसानों को डीएपी की बोरी मिलेगी 1350 रुपए में

  • फसल बीमा योजना में संशोधन किया

  • डीएपी की बोरी अब 1350 रुपये में

  • केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने दी जानकारी

नईदिल्लीः केंद्र सरकार ने 50 किलोग्राम की डीएपी उर्वरक प्रति बोरी का मूल्य 1350 रुपए निर्धारित करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों की आवश्यकता के अनुसार संशोधन करने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को यहां हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में फसल बीमा योजना के मौजूदा क्षेत्र का विस्तार करने और डीएपी की बोरी मूल्य 1350 रुपए निर्धारित करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि किसानों को सस्ती कीमतों पर डीएपी पर सब्सिडी जारी रखने के लिए एकमुश्त विशेष पैकेज के विस्तार को मंजूरी दी गयी है। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में उतार चढ़ाव और आपूर्ति में बाधा के बावजूद किसानों को डीएपी की 50 किलोग्राम की बोरी 1350 रुपए में ही मिलेगी। इसकी अतिरिक्त कीमत सरकार वहन करेगी।

सरकार ने किसानों को सब्सिडी वाले, सस्ती और उचित कीमतों पर डीएपी की उपलब्धता सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वर्ष 2021-22 से वर्ष 2025-26 तक 69,515.71 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ वर्ष 2025-26 तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को जारी रखने को मंजूरी दी है। इस निर्णय से वर्ष 2025-26 तक देश भर के किसानों के लिए प्राकृतिक आपदाओं से फसलों के जोखिम से निपटने में मदद मिलेगी।

उन्होंने बताया कि योजना के क्रियान्वयन में प्रौद्योगिकी के उपयोग से पारदर्शिता और दावा गणना और निपटान में वृद्धि होगी। इसके लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 824.77 करोड़ रुपये की राशि के साथ नवाचार और प्रौद्योगिकी कोष बनाने को मंजूरी दी है। श्री वैष्णव ने बताया कि नौ प्रमुख राज्य आंध्र प्रदेश, असम, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु और कर्नाटक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल हैं और अन्य राज्यों को भी तेजी से शामिल किया जा रहा है।

बताया गया है कि उर्वरक निर्माताओं/आयातकों के माध्यम से किसानों को सब्सिडी वाले मूल्यों पर पीएंडके उर्वरकों के 28 ग्रेड उपलब्ध कराए जाते हैं। पीएंडके उर्वरकों पर सब्सिडी 01.04.2010 से एनबीएस योजना द्वारा शासित है। किसानों के कल्याण को दृढ़ता से ध्यान में रखते हुए सर्वोच्च प्राथमिकता जारी रखते हुए, भारत सरकार ने डाई-अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) उर्वरक की कीमत को अपरिवर्तित रखकर किसानों को बड़ी राहत दी है।

भू-राजनीतिक बाधाओं और वैश्विक बाजार स्थितियों की अस्थिरता के बावजूद, सरकार ने खरीफ और रबी 2024-25 के लिए किसानों को सस्ती कीमतों पर डीएपी की उपलब्धता सुनिश्चित करके किसान हितैषी दृष्टिकोण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता रखी। जुलाई, 2024 में कैबिनेट ने 01.04.2024 से 31.12.2024 तक एनबीएस सब्सिडी से परे डीएपी पर 3,500 रुपये प्रति मीट्रिक टन की दर से एकमुश्त विशेष पैकेज को मंजूरी दी थी, जिसमें लगभग 2,625 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रभाव था।

मंत्रिमंडल ने आज आयोजित अपनी बैठक में डीएपी पर विशेष पैकेज को लगभग 3850 करोड़ रुपये तक बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही अप्रैल 2024 से डीएपी के लिए स्वीकृत विशेष पैकेज की कुल राशि 6,475 करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगी, ताकि किसानों को सस्ती कीमत पर डीएपी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

लाभ: किसानों को सब्सिडी वाले, सस्ती और उचित कीमतों पर डीएपी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। कार्यान्वयन रणनीति और लक्ष्य: किसानों को सस्ती कीमत पर डीएपी उर्वरक की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अनुमोदित एनबीएस सब्सिडी के अलावा डीएपी पर 3,500 रुपये प्रति मीट्रिक टन की दर से विशेष पैकेज 01.01.2025 से अगले आदेश तक प्रदान किया जाएगा