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असद समर्थक सेना के हमले में 14 मारे गये

सीरिया के आंतरिक हालात बहुत अच्छे महसूस नहीं हो रहे

दमिस्कः पूर्व सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद के प्रति वफादार सैनिकों ने सत्ता खोने के ढाई सप्ताह के भीतर ही जवाबी हमला कर दिया है। बुधवार को असद बलों के हमले में नई अंतरिम सरकार के कम से कम 14 सुरक्षा अधिकारी मारे गए। कम से कम 10 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। देश की विद्रोही गठबंधन सरकार ने गुरुवार को इसकी घोषणा की। इसके चंद दिन पहले ही रूस के अपने ठिकाने से असद ने कहा था कि उनका पूरा ध्यान फिलहाल सीरिया पर है और कोई यह समझने की गलती ना करे कि असद ने सीरिया से अपना रिश्ता तोड़ लिया है। वह सही समय पर दोबारा वापस लौटेंगे।

मिली जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच झड़पें मंगलवार को भूमध्यसागरीय बंदरगाह टारटस के पास शुरू हुईं। वहां, असद बलों के हमले में 14 सुरक्षा अधिकारी मारे गए। तीन असद-वफादार सैनिक भी मारे गये। देश की अंतरिम सरकार ने कहा कि दमिश्क की कुख्यात सेडनया जेल में कैदियों को यातना देने में शामिल असद सरकार के एक अधिकारी को गिरफ्तार करने के लिए टारटस में छापेमारी की गई

तभी दोनों पक्षों के बीच संघर्ष शुरू हुआ। 8 दिसंबर को विद्रोही समूह हयात तहरीर अल-शाम और उनके सहयोगी जैश अल-इज्जा की संयुक्त सेना ने असद सरकार को उखाड़ फेंका और सीरिया की राजधानी दमिश्क पर कब्ज़ा कर लिया। अपदस्थ राष्ट्रपति अपनी जान बचाने के लिए सीरिया से भागकर रूस चले गए।

हालाँकि, पश्चिमी भूमध्यसागरीय तटीय क्षेत्र के कुछ हिस्सों पर अभी भी पूर्व सरकार के प्रति वफादार सैनिकों और मिलिशिया का कब्जा है। असद परिवार ने लम्बे समय तक सीरिया पर शासन किया है। बशर के पिता हाफ़िज़ अल-असद ने 30 वर्षों तक सीरिया पर शासन किया। बशर और उनके पिता हाफ़िज़ ने मिलकर 50 वर्षों से अधिक समय तक सीरिया पर शासन किया है। वर्ष 2000 में हाफिज की मौत के बाद बशर सत्ता में आये। 24 वर्षों तक शासन करने के बाद 8 दिसंबर को सीरिया में उनका साम्राज्य समाप्त हो गया।