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प्रियंका गांधी ने अमित शाह से भेंट की

वॉयनॉड के मुद्दे पर सक्रिय हो गयी कांग्रेस महासचिव

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः संसद के बाहर और भीतर भाजपा सरकार पर दबाव बनाने वालों में शामिल प्रियंका का अमित शाह के शाही दरबार में जाना भाजपा वालों को भी हैरान कर रहा है। अमित शाह करीब साढ़े पांच साल से केंद्रीय गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अभी तक गांधी परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी काम से उनके दरबार में नहीं आया है।

सांसद बनने के दो हफ्ते के अंदर ही प्रियंका गांधी ने उस पारिवारिक परंपरा को तोड़ दिया। नवनिर्वाचित सांसद ने केंद्रीय गृह मंत्री से संपर्क कर राज्य में बाढ़ के बाद राहत राशि बढ़ाने की मांग की। प्रियंका मूल रूप से अपने क्षेत्र की प्राकृतिक तबाही की बात करने गयी थी। तीन साल पहले उन्होंने राज्य के बाढ़ पीड़ितों के लिए मदद की मांग करते हुए गृह मंत्री से संपर्क किया था।

लेकिन सिर्फ कांग्रेस महासचिव ही नहीं, केरल के कुछ अन्य सांसद भी शाही दरबार में गए। पिछले सितंबर में, वॉयनॉड एक भयानक भूस्खलन से तबाह हो गया था। स्थानीय लोग धीरे-धीरे उस दुःस्वप्न के दिन से उबर रहे हैं। लेकिन उन्हें और सरकारी मदद की जरूरत है। गृह मंत्रालय प्राकृतिक आपदाओं से निपटने से संबंधित मुद्दों की देखरेख करता है।

इसलिए शाह के दरबार में गईं प्रियंका। प्रियंका की शिकायत है कि राहत वितरण के मामले में केंद्र और राज्य दोनों सरकारों की ओर से लापरवाही बरती जा रही है। वॉयनॉड सांसद का कहना है, गांव के गांव बह गए हैं। कई परिवार चले गए। कई लोगों ने अपना सब कुछ खो दिया। ऐसे में अगर राहत में देरी हुई तो लोगों को और दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। इसके अलावा अगर फिलहाल राहत नहीं मिली तो क्षेत्र के लोगों में प्रशासन के प्रति नकारात्मक मानसिकता विकसित हो जायेगी।

एक सांसद के तौर पर प्रियंका ने जो किया है, वह सामान्य है। लेकिन गांधी परिवार के सदस्य के तौर पर ऐसा राज दरबार असामान्य है। 2019 से शाह गृह मंत्रालय के प्रभारी हैं। हालांकि, इतने दिनों में न तो सोनिया गांधी और न ही राहुल गांधी ने अमित शाह से मुलाकात की है। यहां तक ​​कि गांधी परिवार के सदस्यों ने भी प्रधानमंत्री से निजी मुलाकात से बचने की कोशिश की। प्रियंका ने उस परंपरा को तोड़ दिया।