Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
नई सामग्री से सूरज की रोशनी से पराबैगनी प्रकाश, देखें वीडियो Banmankhi Junction News: उद्घाटन से पहले ही टपकी अमृत भारत स्टेशन की छत; 21.5 करोड़ के निर्माण की खु... Ayodhya News: राम मंदिर चंदा चोरी मामले में बड़ा अपडेट; आरोपियों के घर से हुई ज्वेलरी और कैश की रिकवर... Maharashtra Monsoon Session: विधानसभा में गूंजा पेपर लीक का मुद्दा; विपक्ष का बड़ा हमला, सरकार पर उठा... Ayatollah Ali Khamenei Funeral: ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर का 4 जुलाई को होगा अंतिम संस्कार; भारत भ... Ram Mandir Donation Scam: 'चढ़ावा चोरों' का सामाजिक बहिष्कार शुरू; अयोध्या बार एसोसिएशन ने केस लड़ने ... Himachal Pradesh Model Panchayat: टिहरी पंचायत का बड़ा फैसला; पशु क्रूरता पर जुर्माना और पर्यावरण संर... West Bengal UCC Update: पश्चिम बंगाल में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की तैयारी; ड्राफ्ट कमेटी का ह... Noida School Timing Changed: भीषण गर्मी के चलते नोएडा-ग्रेटर नोएडा के स्कूलों का समय बदला; अब इस समय... Ram Mandir CEO Controversy: राम मंदिर प्रशासन में CEO नियुक्ति का संत समाज ने किया विरोध; 'सरकारी हस...

एलएसी की गश्त पर सैन्य कमांडरों की बैठक से रास्ता निकला

लंबे गतिरोध के बाद अंततः चीन और भारत के बीच सहमति

  • मोदी औऱ जिनपिंग की मुलाकात रूस में

  • गलवान घाटी की घटना से तनाव उपजा

  • सहमति से आमने सामने टकराव दूर होगा

 

नयी दिल्लीः भारत और चीन के बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में पूर्वी लद्दाख सीमाक्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गश्त की व्यवस्था पर एक सहमति बन गई है जिससे वर्ष 2020 में बने गतिरोध के पूर्ण समाधान का रास्ता खुल गया है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रूस यात्रा के बारे में जानकारी देने के लिए सोमवार को बुलाये गये संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा की।

श्री मोदी रूस के कजान में होने वाले 16 वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए कल तड़के रवाना होंगे जहां उनकी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना है। भारत एवं चीन के नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक की संभावना के बारे में पूछे जाने पर विदेश सचिव ने सीमा पर स्थिति की जानकारी देते हुए कहा कि वर्ष 2020 में कुछ इलाकों में कुछ घटनाएं हुईं थी।

चीनी वार्ताकारों के साथ कूटनीतिक स्तर पर समन्व्य और परामर्श पर कार्य प्रणाली और सैन्य स्तर पर कमांडरों की बैठकें चल रहीं हैं। पिछले कुछ हफ्तों में हुई चर्चाओं के परिणामस्वरूप वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गश्त व्यवस्था पर एक सहमति बनी है तथा इससे आमने- सामने के टकराव की स्थिति दूर हो रही है और इससे वर्ष 2020 के बाद इन क्षेत्रों में उत्पन्न मुद्दों के समाधान का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

चीनी राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री मोदी के बीच द्विपक्षीय बैठक की संभावना के बारे में पूछे जाने पर श्री मिस्री ने कहा कि अभी इस बारे में तैयारियां चल रही हैं। जैसे ही कुछ निर्णय होगा तो मीडिया से साझा किया जाएगा। प्रधानमंत्री की यात्रा के बारे में श्री मिस्री ने कहा, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के निमंत्रण पर 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए श्री मोदी कल कजान के लिए प्रस्थान करेंगे।

ब्रिक्स के इस संस्करण का विषय वैश्विक विकास और सुरक्षा के लिए बहुपक्षवाद को मजबूत करना है। भारत ब्रिक्स के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और इसके योगदान ने आर्थिक विकास, सतत विकास और वैश्विक शासन सुधार जैसे क्षेत्रों में ब्रिक्स प्रयासों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पिछले साल जोहांसबर्ग में ब्रिक्स के पहले विस्तार के बाद यह पहला शिखर सम्मेलन होगा।

श्री मिस्री ने कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में संस्थापक सदस्यों के साथ-साथ नए सदस्य भी भाग लेंगे। शिखर सम्मेलन 22 अक्टूबर को शुरू होगा और पहले दिन की शाम को केवल शीर्ष नेताओं के लिए रात्रिभोज होगा। शिखर सम्मेलन का मुख्य दिन 23 अक्टूबर है और वहां दो मुख्य सत्र हैं, सुबह एक प्रतिबंधित पूर्ण सत्र और उसके बाद दोपहर में शिखर सम्मेलन के मुख्य विषय के लिए समर्पित एक खुला पूर्ण सत्र।

शीर्ष नेताओं द्वारा कजान घोषणापत्र जारी किये जाने की भी उम्मीद है जो ब्रिक्स के लिए आगे का रास्ता तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि शिखर सम्मेलन 24 अक्टूबर को समाप्त होगा लेकिन प्रधानमंत्री स्वदेश की महत्वपूर्ण प्रतिबद्धताओं के कारण 23 अक्टूबर को ही नयी दिल्ली लौट आएंगे। उन्होंने कहा कि शिखर सम्मेलन के मौके पर, प्रधान मंत्री की कुछ द्विपक्षीय बैठकें होने की उम्मीद है।