Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
अत्यधिक ताप सहने वाला नया चिप तैयार Bengal Election 2026: ममता बनर्जी को बड़ा झटका, इस सीट से TMC उम्मीदवार का नामांकन रद्द; जानें अब कि... Mathura Boat Accident Video: मौत से चंद लम्हे पहले 'राधे-राधे' का जाप कर रहे थे श्रद्धालु, सामने आया... पाकिस्तान: इस्लामाबाद में अघोषित कर्फ्यू! ईरान-यूएस पीस टॉक के चलते सुरक्षा सख्त, आम जनता के लिए बुन... Anant Ambani Guruvayur Visit: अनंत अंबानी ने गुरुवायुर मंदिर में किया करोड़ों का दान, हाथियों के लिए... पश्चिम बंगाल चुनाव: बीजेपी का बड़ा दांव! जेल से रिहा होते ही मैदान में उतरा दिग्गज नेता, समर्थकों ने... Nashik News: नासिक की आईटी कंपनी में महिलाओं से दरिंदगी, 'लेडी सिंघम' ने भेष बदलकर किया बड़े गिरोह क... EVM Probe: बॉम्बे हाई कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, पहली बार दिया EVM जांच का आदेश; जानें मुंबई विधानसभा ... Rajnath Singh on Gen Z: 'आप लेटेस्ट और बेस्ट हैं', रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने Gen Z की तारीफ में पढ... SC on Caste Census: जाति जनगणना पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, याचिकाकर्ता को फटकार लगा CJI...

ऐसे लोगों को वापस नहीं भेजा जा सकता

शरणार्थियों को लेकर मिजोरम के सीएम ने मोदी से कहा

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने शनिवार को पीएम नरेंद्र मोदी से कहा कि राज्य बांग्लादेश के चटगांव हिल ट्रैक्ट्स (सीएचटी) से ज़ो जातीय लोगों को जबरन निर्वासित नहीं करेगा। राज्य के गृह विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, 2022 से बांग्लादेश से करीब 2,000 ज़ो जातीय व्यक्तियों ने मिजोरम में शरण मांगी है।

सीएम लालदुहोमा ने कहा कि मिज़ो के बीच एक जातीय समूह बावम जनजाति के कई व्यक्तियों ने 2022 से पड़ोसी बांग्लादेश से राज्य में शरण मांगी है, और कई और लोग राज्य में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे हैं। बांग्लादेशी सेना द्वारा विद्रोही समूह कुकी-चिन नेशनल आर्मी (केएनए) के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू करने के बाद नवंबर 2022 में उन्होंने शरण मांगना शुरू कर दिया। बयान के अनुसार, दोनों ने असम राइफल्स के बेस को मध्य आइजोल से राज्य की राजधानी के पूर्वी बाहरी इलाके ज़ोखावसांग में स्थानांतरित करने और मिजोरम सरकार की प्रमुख पहल, हैंड-होल्डिंग नीति को लागू करने के बारे में भी चर्चा की।

मिजोरम के सीमा क्षेत्रों के दोनों तरफ एक ही जाति समूह के लोगों का निवास है। इसी वजह से उनके बीच पारिवारिक रिश्ते भी हैं। पहले म्यांमार के लिए यहां खुला द्वार होता था, जिसे अब सुरक्षा के लिहाज से बंद कर दिया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपनी मुलाकात में मिजोरम के मुख्यमंत्री ने इस क्रम में जानकारी दी है करीब दो हजार लोग यहां आये हैं। खबर के मुताबिक दोनों नेताओं के बीच मिजोरम में असम राइफल्स का एक स्थायी केंद्र स्थापित करने के मुद्दे पर भी बात चीत हुई है।

इस बीच यह खबर भी आयी है कि 6 जुलाई की शाम को मिजोरम के सेरछिप जिला जेल से दो म्यांमार नागरिक भागने में सफल रहे। भागने वालों की पहचान म्यांमार के लीसेन निवासी लालचनहिमा (44) और लालनुनेमा (31) के रूप में हुई है। उन्हें बड़ी संख्या में एके-47 असॉल्ट राइफल रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और वे 10 जून, 2024 से जेल में बंद थे।

जेल से भागने की घटना उस समय हुई जब कैदी वॉलीबॉल खेल रहे थे। खेल के बाद जब वे खेल के उपकरण स्टोररूम में वापस कर रहे थे, तो दोनों ने जेल के मुख्य द्वार से भागने का मौका पा लिया। जिला जेल अधीक्षक ने भागने के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई है और पुलिस ने भगोड़ों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।