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ईवीएम पर अखिलेश यादव का अविश्वास पूरी तरह जारी

पूरे अस्सी सीट जीत गये तो भी भरोसा नहीं

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने फैजाबाद से जीते सपा सांसद अबदेश प्रसाद के साथ मिलकर मोदी सरकार के खिलाफ हमला बोला। एक ओर जहां अखिलेश ने 24वीं लोकसभा चुनाव के नतीजे की तारीख को देश की सांप्रदायिकता से मुक्ति का दिन बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन  पर भरोसा नहीं है।

अगर इंडिया गठबंधन सत्ता में आया तो सबसे पहले ईवीएम वापस भेजी जाएंगी। उन्होंने अयोध्या (फैजाबाद निर्वाचन क्षेत्र) में भाजपा के खिलाफ जीत को देश की लोकतांत्रिक मानसिकता की जीत के रूप में भी रेखांकित किया। एसपी ने रणनीतिक तौर पर अवधेश को वक्ता चुना था। अयोध्या के गंभीर हालात पर विस्तार से बात करते हुए अवधेश ने बीजेपी शीर्ष नेतृत्व को असहज कर दिया। उनके भाषण के दौरान उनके नेता अखिलेश भी सक्रिय रूप से समर्थन करते, मेज दबाते और निर्देश देकर उनकी मदद करते दिखे।

अखिलेश ने आज ईवीएम की प्रामाणिकता पर सवाल उठाया और कहा, मुझे कल भी ईवीएम पर भरोसा नहीं था, आज भी नहीं है। भले ही हम (उत्तर प्रदेश में) सभी 80 लोकसभा सीटें जीत लें, मैं ईवीएम पर भरोसा नहीं करूंगा। हम ईवीएम में जीत कर ईवीएम बंद कर देंगे। चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए अखिलेश ने कहा, चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद आयोग में कुछ लोगों के आचरण को लेकर सवाल उठाए गए हैं। संवैधानिक संस्था के तटस्थ रहने से देश में लोकतंत्र मजबूत होगा।

फैजाबाद में बीजेपी की हार का जिक्र करते हुए अखिलेश ने कहा कि यह भगवान राम की इच्छा थी। उनके शब्दों में, होईहे वही जो राम रचि राखा अवधेश ने कहा, मुझे बहुत दुख है कि राष्ट्रपति के भाषण में अयोध्या का कोई जिक्र नहीं है। लेकिन इस नाम का रुतबा सिर्फ उस इलाके का नहीं बल्कि पूरे देश का है। वह सड़क गंदी है, कीचड़युक्त है। जो लोग भगवान राम के दर्शन करने जा रहे हैं उन्हें गंदे पैर लेकर जाना पड़ता है। वहां का गरीब-कमजोर-दलित मुहल्ला पानी से भरा हुआ है। एयरपोर्ट निर्माण के नाम पर किसानों, आम लोगों की जमीन ले ली गयी है। लेकिन कोई मुआवजा नहीं दिया गया।