Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद में वर्चस्व की लड़ाई तेज, असली संगठन बताने को लेकर आमने-सामने आए दोनों गुट LADC नीति के विरोध में गर्माया वकीलों का आंदोलन, 27 जुलाई को लुधियाना कोर्ट परिसर में 89 अधिवक्ता बै... महिला इंस्पेक्टर से दुष्कर्म के आरोपी SI साहिबमीत सिंह पर बड़ा खुलासा, दादा और पिता भी रह चुके हैं प... मानसा में 17 वर्षीय नाबालिग लड़की से गैंगरेप, परिजनों की शिकायत पर 5 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज बरनाला लाठीचार्ज के विरोध में 27 जुलाई को 'पंजाब बंद' का ऐलान, जालंधर में वाल्मीकि समाज का बड़ा फैसल... श्री माता वैष्णो देवी यात्रा पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, जयकारों के साथ भवन की ओर बढ़े भक्त पंजाब में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल जारी, बिजली मंत्री के साथ 6 घंटे की मीटिंग रही पूरी तरह बेनतीज... मालिक की फोटो लगाकर 2.50 करोड़ की साइबर ठगी, लुधियाना पुलिस ने जोधपुर से आरोपी को किया गिरफ्तार लुधियाना के फेस-5 फोकल पॉइंट में अज्ञात युवक का शव मिलने से फैली सनसनी, मौके पर पहुंची पुलिस लुधियाना के 100 फुटी रोड पर युवक पर जानलेवा हमला, बातचीत के बहाने बुलाकर तेजधार हथियारों से किया लहू...

एवरेस्ट पर चढ़ने के लिए इलेक्ट्रानिक चिप अनिवार्य

राहत अभियान को ध्यान में रखकर नेपाल सरकार का फैसला

राष्ट्रीय खबर

काठमांडूः माउंट एवरेस्ट पर पर्वतारोहण के लिए अब नेपाल सरकार नये नियम को अनिवार्य बना रही है। इस नियम के मुताबिक अब एवरेस्ट पर चढ़ने के लिए अब इलेक्ट्रॉनिक चिप का इस्तेमाल अनिवार्य है। एवरेस्ट के प्रति लोगों की रुचि और प्रेम बढ़ता जा रहा है। एवरेस्ट पर चढ़ने का सपना देखने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। एवरेस्ट पार करने के लिए कई आवेदन जमा हो रहे हैं, कई पर्वतारोही आ चुके हैं. लेकिन 8 हजार 848 मीटर की ऊंचाई पर स्थित एवरेस्ट को फतह करना अब कोई साधारण बात नहीं है। एवरेस्ट पर चढ़ाई के दौरान कई पर्वतारोही लापता हो गए हैं। ख़राब मौसम लगातार बाधा बना रहा।

पिछले कुछ सालों में एवरेस्ट पार करने की कोशिश में कई पर्वतारोही लापता हो गए हैं. अधिकांश का कोई पता नहीं है. इसे रोकने के लिए नेपाल सरकार एवरेस्ट फतह करने आने वाले पर्वतारोहियों के साथ इलेक्ट्रॉनिक चिप्स का इस्तेमाल अनिवार्य करने जा रही है। अगर कोई खो जाता है तो उस चिप के जरिए उसकी लोकेशन का पता लगाया जाएगा।

दरअसल पूर्व के कड़वे अनुभवों को ध्यान में रखते हुए ही नेपाल की सरकार ने यहां की चढ़ाई करने वाले तमाम पर्वतारोहियों के लिए यह नियम अनिवार्य कर दिया है। इससे साफ है कि इस इलेक्ट्रॉनिक चिप के होने पर आपदा नियंत्रण कक्ष को हर पर्वतारोही के लोकेशन की नियमित जानकारी मिलती रहेगी।

बर्फीला तूफान अथवा अचानक किसी खाई में गिर जाने के बाद भी वह व्यक्ति दरअसल किस स्थान पर है, इसका भी पता लगाया जा सकेगा। इससे किसी हादसे का शिकार हुए पर्वतारोह को तुरंत राहत सेवा प्रदान की जा सकेगी। हाल के दिनों में माउंट एवरेस्ट के प्रति अंतर्राष्ट्रीय पर्वतारोहियों का आकर्षण बहुत बढ़ा है। इसी वजह से खतरे को कम करने के लिए यह नियम लागू कर दिया गया है।