Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Uttarakhand Disaster Management Model: ब्रिक्स देशों ने मानी उत्तराखंड की धाक; आपदा प्रबंधन मॉडल की ... Akshay Kumar Charity: क्या अक्षय कुमार सिर्फ पैसा कमाने के लिए करते हैं फिल्में? एक्टर ने चैरिटी के ... Manav Suthar Test Debut: टेस्ट डेब्यू पर 6 विकेट लेकर रचा इतिहास; मानव सुथार ने 18 साल का सूखा किया ... Israel-Iran Conflict: मिडिल ईस्ट में फिर छिड़ा युद्ध का खतरा; क्या नेतन्याहू की जंग की जिद बन रही है ... Gold-Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट; जानें क्या है आज का नया भाव Environmental Impact of AI: एआई की बढ़ती मांग से बढ़ रहा जल संकट; 2027 तक हालात हो सकते हैं गंभीर Kalashtami Vrat 2026: कालाष्टमी पर काल भैरव देव की विशेष पूजा; जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व Banarasi Kachori Sabji Recipe: घर पर बनाएं बनारस का प्रसिद्ध नाश्ता; कचौड़ी-सब्जी बनाने की आसान विधि MP Rajya Sabha Election 2026: तीसरी सीट पर भाजपा का दांव; महेश केवट के नामांकन के बाद बढ़ी सियासी हलच... Earthquake in Northeast: भूटान के पास 5.7 तीव्रता का जोरदार भूकंप; सिक्किम और बंगाल तक महसूस किए गए ...

चुनावी बॉंड के फैसले से असहज मोदी सरकार

सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार के चुनावी बॉंड के फैसले को असंवैधानिक बताते हुए खारिज कर दिया है। इसके बाद सबसे पहले भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने इसे साफ मन से और पारदर्शिता के लिए लाये गये नियम बताने का काम किया। उसके बाद अज्ञात माध्यमों के हवाले से इसे बैंकिंग नियमों का उल्लंघन बताया गया। धीरे धीरे यह माहौल बनाने की कोशिशें तेज होने लगी हैं कि चुनावी बॉंड पर शीर्ष अदालत का फैसला दरअसल गलत है।

इस बीच ही खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को हिंदू पौराणिक कथाओं का उदाहरण देकर सुप्रीम कोर्ट पर तंज कसा। पीएम मोदी ने कहा कि आज के समय में अगर भगवान कृष्ण सुदामा को चावल देते तो सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर हो जाती. यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट द्वारा चुनावी बांड योजना को असंवैधानिक बताए जाने के कुछ दिनों बाद आई है।

स्वागत भाषण के दौरान उन्होंने (आचार्य प्रमोद कृष्णम) कहा कि हर किसी के पास देने के लिए कुछ न कुछ है लेकिन मेरे पास कुछ नहीं है, मैं केवल अपनी भावनाएं व्यक्त कर सकता हूं। प्रमोद जी, अच्छा हुआ आपने मुझे कुछ नहीं दिया, वरना जमाना ऐसा बदल गया है कि अगर आज के जमाने में सुदामा श्रीकृष्ण को चावल देते और वीडियो सामने आ जाता, तो सुप्रीम में जनहित याचिका दायर हो जाती।

कोर्ट और फैसला आएगा कि भगवान कृष्ण को भ्रष्टाचार में कुछ दिया गया था और भगवान कृष्ण भ्रष्टाचार कर रहे थे। पीएम मोदी ने कहा, बेहतर है कि आपने अपनी भावनाएं व्यक्त कीं और कुछ नहीं दिया। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने गुरुवार को सर्वसम्मति से फैसले में चुनावी बांड योजना को रद्द कर दिया और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को लेनदेन विवरण प्रकाशित करने का निर्देश दिया।

लोकसभा चुनाव से कुछ महीने पहले आए इस फैसले को चुनावी बांड योजना की सबसे बड़ी लाभार्थी भाजपा के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। पीएम मोदी ने सोमवार को यूपी के संभल जिले में श्री कल्कि धाम की आधारशिला रखी. इस अवसर पर बोलते हुए, प्रधान मंत्री ने कहा कि तीर्थ स्थलों के साथ-साथ पूरे देश में हाई-टेक बुनियादी ढांचे का भी विकास किया गया है। आज एक तरफ हमारे तीर्थ स्थलों का विकास हो रहा है तो दूसरी तरफ शहरों में हाईटेक इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार हो रहा है।

अगर आज मंदिर बन रहे हैं तो देश भर में नए मेडिकल कॉलेज भी बन रहे हैं। आज पूज्य संतों की भक्ति और जन-जन की भावना से एक और पवित्र स्थान की नींव रखी जा रही है। अब मुझे आप सभी की उपस्थिति में भव्य कल्कि धाम की आधारशिला रखने का सौभाग्य मिला है। मैं मुझे विश्वास है कि कल्कि धाम भारतीय आस्था का एक और बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा। पीएम मोदी ने अपने राम राज के आह्वान को दोहराते हुए कहा कि भारत के लिए अगले हजार वर्षों की एक नई यात्रा शुरू हो रही है।

अब 22 जनवरी से एक नया युग शुरू हो गया है। जब भगवान श्री राम ने शासन किया, तो उनका प्रभाव हजारों वर्षों तक रहा। उसी तरह, रामलला के सिंहासन पर विराजमान होने के साथ, भारत के लिए अगले हजार वर्षों की एक नई यात्रा शुरू हो रही है। उन्होंने कहा, भगवान राम की तरह, कल्कि का अवतार भी हजारों वर्षों की दिशा तय करेगा।

हम कह सकते हैं कि कल्कि समय के चक्र में परिवर्तन के सूत्रधार हैं और प्रेरणा के स्रोत भी हैं। लेकिन इस धार्मिक समारोह में पौराणिक कथा का उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने कृष्ण और सुदामा का जो उदाहरण दिया, वह सुप्रीम कोर्ट से फैसले से उनके आहत होने का संकेत है। दरअसल वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा था कि अगर कोई शेल कंपनी बिना कारोबार अथवा मुनाफा के ही किसी राजनीतिक दल को चंदा देती है तो यह काला धन ही होगा।

दूसरी तरफ अडाणी की शेल कंपनियों का रिश्ता दुबई से होने की जानकारी आ चुकी थी। सेबी जिन कंपनियों के बारे में जानकारी हासिल करने में असमर्थता व्यक्त कर रहा है, एसबीआई द्वारा चुनावी बॉंड की जानकारी सार्वजनिक होने पर इन आरोपों की भी जांच हो पायेगी। देश में दो मुद्दों पर नरेंद्र मोदी की चुप्पी अजीब है। पहला मणिपुर की हिंसा के मुद्दे पर वह ध्यान भटकाते हैं और अडाणी समूह के साथ अपने रिश्तों पर असहज महसूस करते हैं। इसलिए भारत जोड़ो न्याय यात्रा पर निकले राहुल गांधी के आरोपों की जांच भी इससे हो पायेगी। अब यह देखना होगा कि वाकई चुनाव आयोग इन सूचनाओँ को सार्वजनिक करता है अथवा आदेश नहीं मानने का कोई दूसरा रास्ता निकालता है।