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फ्लोर टेस्ट में नीतीश कुमार का बहुमत साबित

अग्निपरीक्षा सफल

कई दिनों की अटकलबाजियों का अब जाकर अंत हुआ

  • सत्तापक्ष में कुल 129 वोट पड़े

  • तीन ने राजद का दामन छोड़ दिया

  • डटे रहे मांझी ठुकरा दी सीएम की कुर्सी

राष्ट्रीय ख़बर

पटना : विगत 14 दिनों से चल रहे अटकलों की बाजार पर बिहार में अब विराम लग गया है। जद्दोजहद व अटकलों के बीच बहुमत टेस्ट पास कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद को सियासत का बादशाह साबित कर दिया है। फ़्लोर टेस्ट के दौरान 243 सदस्यों वाली सदन में सरकार के पक्ष में 129 वोट पड़े, जो बहुमत से 7 ज्यादा है।

विपक्ष में शून्य वोट पड़े क्योंकि विपक्षी पार्टियां सदन से वाक आउट कर गई थी। बहुमत परीक्षण के दौरान बिहार विधानसभा के स्पीकर ने हां और ना कराके ध्वनिमत से बहुमत पास कर दी। इसी के साथ तेजस्वी यादव के नेतृत्व में विपक्ष के सदस्य सदन से वॉक आउट कर गए। फिर डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने भी कहा कि पक्ष और विपक्ष दोनों सदस्यों की गिनती कराई जाए, ताकि बिहार की जनता को सच्चाई पता चल सके।

इससे पूर्व जमकर बहस भी हुई। जिसमें नीतीश ने गठबंधन तोड़ने की वजह राजद के द्वारा किए जा रहे लगातार भ्र्ष्टाचार बताई। उन्होंने कहा कि राजद अपने शासन के दौरान राजद ने भ्रष्ट तौर-तरीके अपनाए। इसकी जांच शुरू की जाएगी। इसी दौरान नीतीश ने तेजस्वी की ओर इशारा करते हुए कहा कि इनके माता-पिता को 15 साल मौका मिला तो क्या होता था बिहार में।

उन्होंने सिलसिलेवार 2005 से पहले के हालात बताए। इसके बाद सदन में जोरदार शोर हुआ। फिर नीतीश कुमार ने कहा कि जब ये पार्टी बीजेपी हमलोगों के साथ थी तो कभी इधर-उधर नहीं किया था, अब शुरू हो गया। तेजस्वी से उन्होंने कहा कि अभी भी आप एक ही जगह सभी को बलपूर्वक रोके हुए थे। लोकतंत्र में यह ठीक नहीं है। विपक्षी विधायकों की ओर इशारा करते हुए कहा कि आपलोग क्यों परेशान हैं, आपका भी काम इधर वाला करेगा।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में 2005 से हमलोगों ने काम करना शुरू किया है। जब 2005 से काम शुरू हुआ तो बिहार का कितना विकास हुआ है। हमारे पहले इनके माता-पिता को 15 साल तक काम करने का मौका मिला तो क्या हुआ था बिहार में, यह कोई भुला थोड़े ही है। वहीं, जिस साम्प्रदायिक सौहार्द्र की लालू यादव दुहाई देते हैं, नीतीश कुमार ने उसकी भी बखिया उधेड़ दी।

उन्होंने कहा कि ये लोग बात करते हैं कि उनके साथ मुस्लिम लोग हैं, तो कितना मुस्लिम-हिंदू का झगड़ा होता था। जब हम सरकार में आए तो हिंदू-मुस्लिम का झगड़ा बंद करा दिए। जब हमको मौका मिला तो हमने तुरंत उस पर कार्रवाई की। समाज के हर तबके के उत्थान के लिए हमलोगों ने काम किया।

इन सबके बीच राजद द्वारा बलपूर्वक विधायकों को हाउस अरेस्ट करने के बात की चर्चा जोरों पर रही। रविवार की देर रात पटना पुलिस ने तेजस्वी आवास से राजद विधायक चेतन आनंद को मुक्त कराया था। उनके विरुद्ध परिजनों ने अपहरण के आशंका की शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, विधायकों को तो सभी पार्टियों ने अपने वश में रखने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए थे। लेकिन, राजद का तरीका जरा हटकर था।