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अब टाईगर के हाथ राज्य की कमान

राजभवन के सादे समारोह में चंपई सोरेन ने शपथ ली


  • गुरुजी से मिलने के बाद राजभवन गये

  • हेमंत की योजनाओं को आगे बढ़ायेंगे

  • विधायकों को हैदराबाद भेजा गया है

राष्ट्रीय खबर

रांचीः एकतरफा बहुमत का वीडियो सार्वजनिक होने के बाद अंततः राज्यपाल ने चंपई सोरेन को राज्य के मुख्यमंत्री की शपथ दिलायी। कल रात ही उन्हें शपथ ग्रहण के लिए आमंत्रित करने की सूचना अनौपचारिक तौर पर सार्वजनिक हो गयी थी। इसके बाद आज चंपई सोरेन यानी टाईगर ने अपने दो सहयोगियों के साथ राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। उनके साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आलमगीर आलम और राजद कोटा से सत्यानंद भोक्ता ने भी मंत्री पद की शपथ ली है।

ऑपरेशन लोट्स  का अंदेशा होने की वजह से महागठबंधन के विधायकों को आज विमान से हैदराबाद भेज दिया गया। इससे महागठबंधन का स्पष्ट बहुमत अब भी कायम है। 81 विधायकों वाले झारखंड विधानसभा में बहुमत के लिए 41 विधायकों की आवश्यकता है और चंपई के नेतृत्व वाले गठबंधन में कल रात ही 43 विधायक नजर आये थे। आज सुबह शपथ ग्रहण के पहले विधायक सीता सोरेन भी उनके साथ खड़ी नजर आयी। सीता सोरेन ने हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना को मुख्यमंत्री बनाये जाने की चर्चा पर अपना विरोध सार्वजनिक कर दिया था।

झारखंड आंदोलन के दौरान गुरुजी यानी शिबू सोरेन के घनिष्ठ सहयोगी रहे चंपई सोरेन ने आज सुबह शपथ ग्रहण के पहले मोरहाबादी जाकर शिबू सोरेन और उनकी पत्नी रूपी सोरेन से मुलाकात की।इस मुलाकात में क्या बात हुई, इसका खुलासा नहीं हुआ पर वहां से निकलने के बाद खुद चंपई सोरेन ने कहा कि वह अपने गुरुजनों से आशीर्वाद लेने गये थे क्योंकि आंदोलन के समय से ही दिशोम गुरु उनके अभिभावक जैसे रहे हैं। इसलिए आशीर्वाद लेना फर्ज था।

राजभवन स्थित दरबार हॉल में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह हुआ। इसमें राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में चम्पाई सोरेन को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर आलमगीर आलम और सत्यानंद भोक्ता ने भी मंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल ने इन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद डॉ. महुआ माजी समेत कई विधायक, मुख्य सचिव, विकास आयुक्त, पुलिस महानिदेशक एवं भारतीय प्रशासनिक व पुलिस सेवा के वरीय अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

राज्यपाल ने मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन एवं दोनों मंत्री को शपथ लेने के उपरांत हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी। इससे पूर्व राज्य के मुख्य सचिव श्री ख्यांगते ने मुख्यमंत्री एवं दोनों मंत्री की नियुक्ति संबंधी वारंट को पढ़ा। राज्यपाल के प्रधान सचिव द्वारा मुख्यमंत्री एवं दोनों मंत्री को अनुक्रम में शपथ ग्रहण के लिए आमंत्रित किया गया। शपथ ग्रहण करने के बाद मुख्‍यमंत्री चम्‍पाई सोरेन रांची के बिरसा चौक गए। वहां स्थित धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने सिदो कान्हू उद्यान परिसर स्थित शहीद सिदो कान्हू की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण किया। उन्‍हें श्रद्धांजलि दी। वहां से प्रोजेक्ट भवन जाने पर राज्य के मुख्य सचिव ने विधिवत उनका स्वागत किया।

टूट के खतरे से बचने के लिए जिन विधायकों को हैदराबाद भेजा गया है, वे अब पांच फरवरी को वापस लौटेंगे। राज्यपाल के निर्देश पर आगामी पांच फरवरी को ही चंपई सोरेन को सदन में बहुमत साबित करना है। इस बीच भाजपा की जाल से विधायकों को बचाने की पूरी कोशिश  की जा रही है। वैसे जानकार मानते हैं कि वीडियो में 43 विधायकों की खुद की गिनती के बाद ऐसा हो पाना कठिन हो गया है। कभी भाजपा ने भी राष्ट्रपति भवन के सामने अपने समर्थन में विधायकों की इसी तरीके से परेड करायी थी। इस बार भाजपा का दांव ही भाजपा के खिलाफ आजमाया गया है।

अब चंपई सोरेन ने मुख्यमंत्री बनते ही प्रधान सचिव के तौर पर विनय चौबे की नियुक्त किया है। उन्होंने मीडिया से बात चीत में यह स्पष्ट कर दिया है कि हेमंत सोरेन की कल्याणकारी योजनाओं को ही आगे बढ़ाना उनका काम होगा। दूसरी तरफ राजीव रंजन को फिर से महाधिवक्ता नियुक्त कर उन्होंने पुरानी लकीर को ही कायम रखना साफ कर दिया है।