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हत्या के मामले में केंद्रीय मंत्री निशिथ को नहीं मिली राहत

गिरफ्तारी की मांग पर उतारू है तृणमूल

राष्ट्रीय खबर

कूचबिहारः केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और कूचबिहार से सांसद निशिथ प्रमाणिक ने अदालत से गिरफ्तारी रोकने की अपील नामंजूर हो गयी है। कलकत्ता हाई कोर्ट की जलपाईगुड़ी सर्किट बेंच ने गुरुवार को अमित शाह के डिप्टी की याचिका खारिज कर दी। इसके बाद तृणमूल ने निसिथ की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पुलिस प्रशासन पर दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया। उदयन गुह शुक्रवार को दिनहाटा पुलिस स्टेशन जाकर केंद्रीय मंत्री की गिरफ्तारी के लिए एक ज्ञापन सौंपें आये।

2018 में कूचबिहार के दिनहाटा में एक हत्या मामले में निशिथ का नाम शामिल था. आरोप है कि उन्हीं के आदेश पर फायरिंग की गयी। पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया। गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया था। अमित शाह के कनीय मंत्री ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया लेकिन गुरुवार को कलकत्ता हाई कोर्ट की जलपाईगुड़ी सर्किट बेंच ने उनकी सुरक्षा याचिका खारिज कर दी। इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 22 जनवरी तय की गई है।

सर्किट बेंच के सहायक लोक अभियोजक अदिति शंकर चक्रवर्ती ने कहा, 2018 में निशीथ औरांतिक के आदेश पर कूच बिहार के दिनहाटा में एक व्यक्ति पर गोलीबारी करने का आरोप लगा था। उस मामले में उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। निशत के वकील ने सुरक्षा की मांग करते हुए जलपाईगुड़ी सर्किट बेंच की डिवीजन बेंच में आवेदन किया।

सहायक लोक अभियोजक के मुताबिक, पुलिस चाहे तो निसिथ को गिरफ्तार कर सकती है। उत्तर बंगाल विकास मंत्री उदयन गुहा ने कहा, अदालत ने बचाव पक्ष को खारिज कर दिया है. इस बार थानेदार को अपना काम खुद करना होगा। मैं एक मंत्री के तौर पर पुलिस स्टेशन नहीं जा पाऊंगा लेकिन विधायक जाएंगे। इस अदालती फैसले की वजह से फिर से उत्तर बंगाल की राजनीति गरमा गयी है। अभी हाल ही में भाजपा की टूट से केंद्रीय मंत्री की राजनीतिक पकड़ कमजोर साबित हुई है। उनके अपने दो बड़े भाई भी अब टीएमसी में शामिल हो गये हैं।