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सिक्किम के बाढ़ में 19 की मौत, सेना की हेल्पलाइन नंबर जारी

  • बीआरओ द्वारा सिक्किम में राहत-बचाव कार्य जारी

  • राज्य में 1627 से ज्यादा लोगों को बाढ़ प्रभावित

  • लापता सैनिकों को खोजने का अभियान जारी है

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: सिक्किम में बादल फटने  के बाद तीस्ता नदी में अचानक आई बाढ़  से तबाही का मंजर है। अब मरने वालों का आंकड़ा पहले से बढ़ गया है। अब तक10 लोगों की मौत की खबर थी लेकिन यह संख्या बढ़कर अब 19 हो गई है।वहीं सेना के 32 जवानों समेत 102 लोग लापता हैं।

बादल फटने से आई बाढ़ की वजह से गंगटोक में 5 लोगों की मौत हो गई है और 22 लोग लापता और 5 लोग घायल हैं। मंगन में 7 लोगों की जान गई है और 16 लोगों का कुछ भी अता-पता नहीं है।पाक्योंग में 7 लोगों की मौत हुई है और 59 लोग और 23 आर्मी के जवान लापता हुए हैं और 21 लोग घायल हुए हैं।

नामची में बाढ़ की वजह से किसी की भी जान नहीं गई है और 5 लोग लापता हैं । बादल फटने और बाढ़ की वजह से 26 लोग घायल हुए हैं जिनको इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. वहीं 22 हजार से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। 1627 से ज्यादा लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से बाहर निकाला गया है।

प्रभावित क्षेत्रों में बहु-एजेंसी खोज और राहत- बचाव अभियान जारी है। भारतीय सेना और एनडीआरएफ सर्च ऑपरेशन चला रही है। वही वायुसेना को स्टैंडबाय पर रखा गया है।खराब हालात को देखते हुए एनडीआरएफ की अतिरिक्त टीमें सिक्किम भेजी जाएंगी।बाढ़ के हालात के बाद अपनों को तलाश रहे लोगों की मदद के लिए आर्मी की तरफ से हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है।

जिसपर आप संपर्क करके जानकारी हासिल कर सकते हैं. ईस्ट सिक्किम आर्मी से 8756991895, नॉर्थ सिक्किम आर्मी से 8750887741 इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है. वहीं लापता जवानों के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए 7588302011 नंबर आर्मी की तरफ से जारी किया जा सकता है।

बाढ़ में जान गंवाने वालों में 14 लोगों की पहचान आम नागरिक के रूप में की गई है।बाकी के 5 लोगों के बारे में अभी कुछ भी पता नहीं चल सका है। अधिकारियों के मुताबिक मंगलवार को बादल फटने के बाद चुंगथांग बांध से पानी छोड़े जाने की वजह से रात को करीब डेढ़ बजे भयंकर बाढ़ के हालात पैदा हो गए।

खबर के मुताबिक देशभर से सिक्किम पहुंचे 3000 से ज्यादा पर्यटक इस आपदा की वजह से वहां फंसे हुए हैं। यह जानकारी सिक्किम के मुख्य सचिव वी बी पाठक की तरफ से दी गई है।भीषण बाढ़ की वजह से काफी नुकसान भी हुआ है,14 पुल बह गए हैं।इस बीच मौसम विभाग ने राज्य में अगले 24 घंटे में भारी से भारी बारिश होने की संभावना जताई है।

गुवाहाटी में रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र सिंह रावत ने बताया कि 22 लापता सैनिकों का पता लगाने के लिए भारतीय सेना के त्रिशक्ति कोर के जवानों द्वारा खोज और बचाव अभियान जारी है। सिंगताम के पास बुरदांग में कीचड़ में डूबे वाहनों को निकालने की लगातार कोशिशें जारी हैं।

लापता व्यक्तियों की तलाश अब तीस्ता नदी के निचले इलाकों में केंद्रित है। शुरुआती 32 लापता जवानों में से एक को 4 अक्टूबर की शाम को बचा लिया गया। लापता लोगों के परिजनों से संपर्क कर स्थिति की जानकारी दे दी गई है।सिक्किम और उत्तरी बंगाल में तैनात अन्य सभी भारतीय सेना के जवान सुरक्षित हैं और मोबाइल संचार में व्यवधान के कारण वे अपने परिवार के सदस्यों से संपर्क करने में असमर्थ हैं।

इस बीच, भारतीय सेना ने कई इलाकों में फंसे नागरिकों और पर्यटकों तक मोबाइल कनेक्टिविटी बढ़ाने का काम तेजी से शुरू कर दिया है।सिक्किम की बिगड़ती स्थिति के बीच पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस गुरुवार सुबह ही सिक्किम के दार्जिलिंग पहुंचे। यहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। ”

हालात बहुत चिंताजनक है। लोग पीड़ित हैं, अब भी अनिश्चितता है। हम देख रहे हैं कि जल्द से जल्द क्या निवारक उपाय किए जा सकते हैं। बाढ़ से पहले, बाढ़ के दौरान और बाढ़ के बाद कई चीजें हैं जो आदर्श रूप से की जानी चाहिए, हम उसके लिए तैयारी कर रहे हैं।सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के प्रोजेक्ट स्वास्तिक के तहत उत्तरी सिक्किम के गंभीर रूप से प्रभावित चुंगथांग और मंगन क्षेत्र में राज्य प्रशासन के समन्वय में बचाव कार्यों के साथ-साथ क्षति को कम करने के लिए अभियान जारी है। क्षेत्र में चार महत्वपूर्ण पुल गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। 200 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है।