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अगले साल आ रहा है स्लीपर कोच का वंदे भारत एक्सप्रेस

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः अगले साल मार्च महीने में ट्रैक पर उतरेगी स्लीपर वंदे भारत। इसकी तस्वीरों का खुलासा किया गया है, जिससे पता चलता है कि यह अंदर से देखने में कैसी होंगी। देश की पहली स्लीपर क्लास वंदे भारत एक्सप्रेस अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले पटरी पर उतरने के लिए तैयार है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल के अंत तक स्लीपर क्लास का भारतीय प्रोटोटाइप भी तैयार हो जाएगा। इस नए स्लीपर क्लास में कुल 857 बर्थ होंगी।

वंदे भारत एक्सप्रेस पिछले कुछ महीनों से देश के लगभग सभी हिस्सों में शुरू की जा चुकी है। इस ट्रेन की विशेषता है कि ये सभी ट्रेनें चेयर कार हैं। अब वंदे भारत स्लीपर क्लास भी रेलवे ट्रैक पर उतरने वाला है। भारत ने इसके लिए रूस के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। उससे पहले देश में स्लीपर वंदे भारत बनाई जाएगी। हाल ही में भारतीय रेलवे ने स्लीपर क्लास वंदे इंडिया के निर्माण के लिए एक रूसी कंपनी के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

लेकिन वह रेक दो साल बाद ट्रैक पर उतरने वाला है। लेकिन उससे पहले अगले साल देश की पहली वंदे इंडिया स्लीपर रेक देश के ट्रैक पर उतर सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, वंदे इंडिया के स्लीपर क्लास रेक का उत्पादन फिलहाल चेन्नई फैक्ट्री में चल रहा है। ऐसे माहौल में रैक अगले साल ही ट्रैक पर आ सकती है।

मालूम हो कि बंदे भारत में स्लीपर क्लास की हर ट्रेन में कुल 857 बर्थ होंगी। इसमें से 823 बर्थ यात्रियों के लिए और 34 बर्थ रेलवे कर्मचारियों के लिए होंगी। इस ट्रेन का प्रोटोटाइप इसी साल दिसंबर में तैयार हो जाएगा। फिर अगले साल मार्च तक देश में पहली स्लीपर क्लास वंदे भारत लॉन्च की जा सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड द्वारा आईसीएफ के लिए 10 स्लीपर क्लास वैन का निर्माण किया जा रहा है।

इस स्लीपर क्लास में भारत के डिजाइन पहले ही फाइनल हो चुके हैं। इस बारे में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, भारत के स्लीपर क्लास के डिजाइन में कुछ बदलाव किए गए हैं। ट्रेन में अधिक संख्या में यात्री सफर कर सकें, इसके लिए डिजाइन में बदलाव किया गया है। इसी बीच डिजाइन की तस्वीरें जारी की गई है। भारतीय रेलवे ने भारत में स्लीपर क्लास वैन बनाने के लिए रूस और भारत के संयुक्त उद्यम काइनेट रेलवे सॉल्यूशंस के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह कंपनी कुल 120 वंदे स्लीपर क्लास ट्रेनें बनाएगी। यह कंपनी 35 साल तक रखरखाव की जिम्मेदारी भी उठाएगी।