Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Instagram Fake Profile Case: इंस्टाग्राम पर रईस दिखने वाला निकला पुताई करने वाला मजदूर; कॉलेज छात्रा... Garra Bridge Controversy: बालाघाट में बना 'क्रिकेट बैट' जैसा रेलवे ओवरब्रिज; गायब हुआ फुटपाथ, मचा हड़... MP Police Suicide Case: मध्य प्रदेश में पुलिसकर्मियों में बढ़ रहा तनाव; 12 दिनों में 5 जवानों ने की आ... MP Police Suicide Case: मध्य प्रदेश में पुलिसकर्मियों में बढ़ रहा तनाव; 12 दिनों में 5 जवानों ने की आ... MP Crime News: पति की दरिंदगी की हदें पार; गले में जंजीर डाल खंभे से बांधा, गर्म सरिए से दागा UP Assembly Election 2027: BJP की सहयोगी SBSP ने 32 सीटों पर ठोका दावा; आजमगढ़ में समाजवादी पार्टी क... Kanpur Dehat Crime: अवैध संबंधों का राज खुला तो देवर-भाभी ने कर दी युवती की हत्या; नदी में फेंका शव Manipur News: उपद्रवियों को डीजीपी की कड़ी चेतावनी; 'सुरक्षा बलों पर गोली चलाई तो बख्शे नहीं जाएंगे',... Junaid Khan Simplicity: सुपरस्टार के बेटे होकर भी जुनैद खान की सादगी ने जीता दिल; सिक्योरिटी ने किया... IND-W vs PAK-W T20 World Cup: भारत-पाक महामुकाबले में स्मृति मंधाना का जलवा; तोड़ सकती हैं मिताली राज...

अब शुक्र ग्रह का अभियान की तैयारी

  • विज्ञान अकादमी में दी इसकी जानकारी

  • इस यान का पे लोड भी विकसित हुआ है

  • लैंडर और रोवर भी इस अभियान में जाएगा

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः इसरो अब चांद और सूरज से आगे निकलने की तैयारियों में जुटा है। चंद्रयान 3 ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की मिट्टी को छुआ है। आदित्य एल वन पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण से निकलकर सूर्य की तरफ बढ़ रहा है। इसके बीच ही इस नये अंतरिक्ष अभियान की जानकारी आयी है। इसरो सौर मंडल के सबसे चमकीले ग्रह तक पहुंचना चाहते हैं।

इसकी तैयारी शुरू हो गई है। यह बात इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने दिल्ली में भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के दौरे के दौरान कही। शुक्र सौर मंडल का सबसे चमकीला ग्रह है। यह सूर्य से दूसरा निकटतम ग्रह है। इसरो प्रमुख ने कहा कि वे आने वाले दिनों में शुक्र ग्रह पर एक अभियान चलाना चाहते हैं। उसी के अनुरूप योजना आगे बढ़ रही है। काम शुरू हो गया है। यहां तक ​​कि शुक्र मिशन में इसरो द्वारा उपयोग किए जाने वाले पेलोड भी विकसित किए जा चुके हैं।

इसरो का शुक्रयान शुक्र मिशन पर जाएगा। इस अभियान का नाम भी दिया गया है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य शुक्र की मिट्टी और वातावरण का निरीक्षण करना होगा। शुक्र का वातावरण अत्यंत भारी, अम्ल से भरा हुआ है। शुक्र का वायुमंडलीय दबाव पृथ्वी की तुलना में 100 गुना अधिक है। इसलिए इस ग्रह पर अभियान चलाना कठिन है। इसरो को उस क्षेत्र में नई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। इसरो प्रमुख ने कहा, शुक्र एक बहुत ही दिलचस्प ग्रह है।

इसका वातावरण इतना भारी है कि इसमें प्रवेश नहीं किया जा सकता। इसलिए हमें नहीं पता कि शुक्र की सतह ठोस है या नहीं। इस ग्रह पर अभियान से कई महत्वपूर्ण अज्ञात जानकारियां हमारे हाथ लग सकती हैं। यह आने वाले दिनों में हमारे ग्रह के भविष्य के लिए भी उपयोगी हो सकता है। भारत 2029-30 में शुक्र ग्रह पर एक मिशन भेजेगा।

नेहरू तारामंडल विशेषज्ञ प्रेरणा चंद्रा ने कहा, चंद्रयान मिशन के बाद, लगातार कई मिशनों की योजना बनाई गई, जिनमें शुक्रयान, आदित्य एल 1, गगनयान और नासा ने एक अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की योजना बनाई है। उन्होंने आगे कहा, शुक्र को ट्विन ऑफ अर्थ भी कहा जाता है, जिसका अर्थ है पृथ्वी का जुड़वां।

यह एक गैस ग्रह है और इसमें अम्लीय वर्षा होती है यही कारण है कि वैज्ञानिक ग्रह के पर्यावरण को समझने में अधिक रुचि रखते हैं। शुक्र एक ऑर्बिटर मिशन होगा, जो इसकी परिक्रमा करेगा और साथ ही भविष्य में इसकी बाहरी सतह का अध्ययन करने के लिए लैंडर और रोवर भी भेजेगा। सोमनाथ ने आगे कहा, पृथ्वी एक दिन शुक्र बन सकती है।

हममें से कोई नहीं जानता कि क्या होगा। हो सकता है 10 हजार साल बाद पृथ्वी की हालत भी शुक्र ग्रह जैसी हो जाए। क्योंकि समय के साथ दुनिया अपना चरित्र बदल लेती है। अरबों साल पहले दुनिया वैसी नहीं थी जैसी अब है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की भी शुक्र ग्रह की यात्रा की योजना है। उन्हें 2030 के दशक में शुक्र मिशन को सफल बनाने की उम्मीद है। इसरो भी इस मामले में उन्हीं के नक्शेकदम पर चलने जा रहा है।