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बिहार का अन्यतम मोस्ट वांटेड पकड़ा गया

  • पिता की हत्या के बाद अपराधी बना

  • बंगाल में कौन देता था उसे संरक्षण

  • वहां से भागलपुर में अपराध करता था

दीपक नौरंगी

भागलपुरः भागलपुर जिले में छोटी बड़ी घटना पर तो पुलिस कुछ ना कुछ बेहतर कार्रवाई करती रहती है लेकिन करीब 15 वर्षों के बाद पुलिस ने कुख्यात अपराधी टिंकू मियां को गिरफ्तार कर लिया है।

स्वर्गीय फेकू मियां का बड़ा पुत्र टिंकू मियां अपराध की दुनिया में इसका नाम काफी सुर्खियों में रहा है। भागलपुर पुलिस के लिए यह पूरी तरह सर दर्द साबित रहा है। कई बड़ी घटनाओं में इसके नाम की चर्चा होती गई। इससे पूर्व में भी टिंकू मियां के छोटे भाई को पुलिस ने कई बार गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेजा है। शनिवार को सीनियर एसपी आनंद कुमार ने प्रेस वार्ता कर इसके अपराधिक आंकड़े के बारे में पूरी जानकारी दी और बताया किस तरह से भागलपुर की बड़ी आपराधिक घटनाओं में इसका नाम किस तरह से कैसे जुड़ा हुआ रहा और कितने केस में यह फरार चल रहा था।

भागलपुर अपराध की दुनिया के कुख्यात अपराधी टिंकू मियां गिरोह को बंगाल के मोटियाबुर्ज में होने की सूचना पहले ही थी। लेकिन वहां उसे किसका संरक्षण मिलता था, यह अब तक स्पष्ट नहीं हुआ है। चर्चा है कि भागलपुर के शाहकुंड थाना से भी उसके एक संरक्षक का नाम आ सकता है। बंगाल में होने के बाद भी उसका बिहार के आपराधिक और अपराध से जुड़े बड़े लोगों से गहरा तालुक है।

आखिर क्या भागलपुर पुलिस और बिहार पुलिस के बड़े जिम्मेदार पुलिस के अधिकारी इस बिंदु पर जांच कराएंगे तो कहीं अहम बातें सामने आ सकती है। देश में बड़ी-बड़ी केंद्रीय जांच एजेंसी है यह जरूर मालूम करें कि टिंकू मियां गैंग को किसने बंगाल के मोटियाबुर्ज वह कौन सा आका बैठा हुआ है जो बड़े-बड़े अपराध करने वाले आका को संरक्षण देने का काम करता है।

जिसका संबंध भागलपुर में जब्बार चक इलाके के रहने वाले एक सरकारी नौकरशाह, जो सीमांचल के किसी जिले में एडीएम की नौकरी कर रहे हैं वह भी कहीं ना कहीं जांच के दायरे में है। बताया जाता है चुनाव लड़ने की मंशा से हवाला के माध्यम से एक बड़ी रकम वह बंगाल के मोटियाबुर्ज मैं रहने वाले आका तक पहुंचने काम करता है। केंद्रीय जांच एजेंसी को ऐसे गंभीर बिंदुओं पर जांच करने की आवश्यकता है जिससे कई देश द्रोह से जुड़ी हुई कुछ महत्वपूर्ण बात भी सामने आ सकती है।