Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बालों के झड़ने के पीछे कहीं प्रोटीन की कमी तो नहीं? जानें शरीर में दिखने वाले 5 संकेत और घरेलू उपाय मुजफ्फरनगर: दृष्टिहीन सत्येंद्र की अटूट शिवभक्ति! बिना किसी साथी के लाठी के सहारे 3 दिन में तय किया ... बसपा के एकमात्र विधायक उमाशंकर सिंह के निधन पर मायावती ने जताया गहरा शोक, बताया पार्टी का वफादार स्त... डांगावास हत्याकांड: 11 साल बाद अदालत का बड़ा फैसला, CBI सबूत साबित करने में नाकाम, सभी 40 आरोपी बरी अजमेर नगर निगम की अनूठी पर्यावरण पहल, दरगाह और पुष्कर ब्रह्मा मंदिर के फूलों से बनेगी जैविक खाद नागपुर में डॉक्टर के बेटे की दरिंदगी: 16 वर्षीय छात्रा को 24 घंटे बंधक बना चाबुक और चाकू से दी खौफना... बांके बिहारी आने वाले श्रद्धालुओं को जाम से मिलेगी मुक्ति! ₹6,922 करोड़ की मथुरा हेरिटेज सिटी परियोज... दरगाह आला हजरत उर्स-ए-रजवी में मिसाल: सावन के सम्मान में नहीं बनेगी नॉनवेज बिरयानी, परोसा जाएगा शाका... कांवड़ यात्रा पर दारुल उलूम देवबंद की एडवाइजरी: छात्रों के लिए आईडी कार्ड अनिवार्य, कांवड़ रूट से दू... रांची में छात्र आंदोलन का सबसे बड़ा दिन: विधानसभा सत्र की शुरुआत के बीच क्या सरकार से होगी वार्ता?

मंदिर के समारोह में भी चुनावी मोड में दिखे पीएम

  • डेढ़ साल में पूरा होगा निर्माण कार्य

  • रविदास मंदिर 11 एकड़ जमीन पर

  •  दस हजार वर्गफीट में होगा मंदिर

सागर: अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव के पूर्व, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पूरे आत्मविश्वास से कहा कि मध्यप्रदेश के सागर जिले में संत रविदास के भव्य स्मारक के भूमिपूजन के बाद अब अगले एक से डेढ़ वर्ष में ये स्मारक बन कर तैयार हो जाएगा और उस समय भी इसके लोकार्पण के लिए वे (स्वयं श्री मोदी) ही आएंगे।

श्री मोदी सागर जिले के बड़तूमा में संत रविदास के भव्य स्मारक के भूमिपूजन के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक,  ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रहलाद पटेल और भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष और लोकसभा सांसद विष्णुदत्त शर्मा भी उपस्थित रहे।

श्री मोदी ने कहा कि देश की साझी संस्कृति को समृद्ध करने हेतु संत रविदास स्मारक एवं संग्रहालय की नींव पड़ी। उन्होंने कहा कि वे संत रविदास की जन्मस्थली बनारस से सांसद भी हैं। उन्हें संत रविदास के आशीर्वाद से ही स्मारक के भूमिपूजन का अवसर मिला। अगले एक से डेढ़ साल में ये मंदिर बन कर तैयार हो जाएगा और उसका लोकार्पण करने भी वे (श्री मोदी स्वयं) ही आएंगे।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस स्मारक के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री श्री चौहान और प्रदेश सरकार का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि प्रेरणा और प्रगति जब एक साथ मिलते हैं तो नए युग की नींव पड़ती है। आज मध्यप्रदेश इसी ताकत के साथ आगे बढ़ रहा है। श्री मोदी ने संत रविदास के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे मुगलों के कालखंड के दौरान जन्मे थे।

उन्होंने उत्पीड़न और अत्याचार के खिलाफ समाज को जाग्रत किया। उस समय हमारी आस्था पर हमले हो रहे थे, तब संत रविदास ने कहा कि जो पराधीनता के खिलाफ नहीं लड़ता, समाज उससे प्रेम नहीं करता। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश इसी भावना के साथ गुलामी की मानसिकता से मुक्ति के संकल्प पर आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री ने संत रविदास की पंक्तियों का संदर्भ देते हुए कहा कि वर्तमान सरकार भी ऐसा राज चाहती है, जिसमें कोई भूखा ना रहे। उन्होंने कोरोना काल के दौरान केंद्र सरकार द्वारा चलाई गईं जनहितैषी योजनाओं का संदर्भ भी दिया। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि वे भूख की पीड़ा को बहुत अच्छे से समझते हैं।  प्रधानमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा कि पहले की सरकारों में योजनाएं चुनावी मौसम को देखते हुए आती थीं। इसके साथ ही उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों में केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रहीं योजनाओं के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी।

सागर जिले के बड़तुमा में 11 एकड़ भूमि पर लगभग 100 करोड़ की लागत से आकार लेने वाले संत शिरोमणी श्री रविदास के स्मारक और मंदिर का वैदिक मंत्रोचार के साथ भूमिपूजन कर शिलान्यास किया। उन्होंने शिला-पट्टिका का अनावरण भी किया और मंदिर की प्रतिकृति का अवलोकन भी किया। भूमिपूजन से पहले श्री मोदी ने विभिन्न सम्प्रदायों के साधु-संतों का अभिवादन किया।

इसी के साथ प्रदेश के पांच स्थानों से प्रारंभ की गई समरसता यात्रा का भी आज समापन हो गया। फरवरी माह में ही मुख्यमंत्री श्री चौहान ने समरसता के प्रणेता श्री संत रविदास जी के भव्य और दिव्य रूप में स्मारक और मंदिर निर्माण कराने की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री द्वारा आज किए गए शिलान्यास के बाद अब यहां भव्य और अलौकिक मंदिर बनेगा। यह मंदिर नागर शैली में 10 हजार वर्ग फुट में बनेगा। यहां इंटरप्रिटेशन म्यूजियम भी बनेगा। संस्कृति और रचनात्मक के साथ संत रविदास के कृतित्व-व्यक्तित्व को प्रदर्शित करने वाला संग्रहालय भी इस परिसर में बनेगा।