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अंतर्राष्ट्रीय राजमार्ग की अड़चनों को दूर करने विदेश मंत्री सक्रिय

  • पूर्वोत्तर राज्यों के लिए केंद्र सरकार की पहल

  • म्यांमार में अभी काम नहीं हो पा रहा है

  • दोनों देशों के विदेशमंत्रियों की बैठक

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः कोलकाता से सीधे बैंकॉक तक हाईवे बनाया जा रहा है। इस सड़क का काम काफी आगे बढ़ चुका है। माना जाता है कि यह सड़क म्यांमार से होकर गुजरती है। म्यांमार में अस्थिर हालात के कारण काम रुका हुआ है। ऐसे में विदेश मंत्री एस जयशंकर खुद प्रस्तावित हाईवे को लेकर म्यांमार सरकार के साथ बैठक में बैठे।

बताया जा रहा है कि भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को म्यांमार के विदेश मंत्री थान सो के साथ बैठक की। जयशंकर ने म्यांमार के अधिकारियों से मुलाकात की और चल रही परियोजनाओं पर चर्चा की। इस बैठक में भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग को विशेष महत्व दिया गया। इसके अलावा, सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के मुद्दे पर भी प्रमुखता से चर्चा की गई।

मालूम हो कि इस हाईवे का 70 फीसदी काम लगभग पूरा हो चुका है। कोलकाता से शुरू होकर सिलीगुड़ी को छूता हुआ यह हाईवे पूर्वोत्तर भारत तक जाएगा। इस अंतर्राष्ट्रीय हाई वे में भारतीय सीमा मणिपुर में समाप्त होगी लेकिन इनदिनों मणिपुर में भी अशांति है और विरोध की वजह से वहां के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात बाधित हो रहा है।

मणिपुर के बाद राजमार्ग म्यांमार से होते हुए थाईलैंड के माई सॉट में प्रवेश करेगा। इस हाईवे से आप कोलकाता से सीधे बैंकॉक जा सकते हैं। सरकार इस प्रोजेक्ट को दिसंबर 2019 तक पूरा करना चाहती थी। हालाँकि, म्यांमार की अशांत स्थिति के कारण यह पूरा नहीं हो सका। थाईलैंड और म्यांमार की सरकारों ने उम्मीद जताई है कि अगले तीन से चार साल में हाईवे खोला जा सकता है।

इस हाईवे का निर्माण बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी पहल के तहत किया जा रहा है। इन परिस्थितियों में, म्यांमार के अधिकारियों को उम्मीद है कि देश का उनका हिस्सा अगले तीन वर्षों के भीतर पूरा हो जाएगा। प्रस्तावित रूट के मुताबिक हाईवे बैंकॉक से शुरू होगा।

राजमार्ग थाईलैंड के हिस्से को पार करेगा और म्यांमार में प्रवेश करेगा। फिर यह भारत में प्रवेश करेगा। यह पूर्वोत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से होते हुए पश्चिम बंगाल में प्रवेश करेगा। यह हाईवे नागालैंड में कोहिमा, मणिपुर में मोरेह, असम में गुवाहाटी जैसी जगहों तक पहुंचेगा। इसी बीच पता चला है कि इस हाईवे का काम थाईलैंड में चल रहा है। इस राजमार्ग के खुलने से दक्षिण पूर्व एशिया को पूर्व और पूर्वोत्तर भारत से जोड़ना आसान हो जाएगा। इससे व्यापार बढ़ेगा। क्षेत्र का पर्यटन उद्योग और विकसित होगा। इन तीनों देशों के लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान भी बढ़ेगा। पूरा क्षेत्र खुशहाल होगा।