Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
NEET Exam Stress: लातूर में पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के तनाव में NEET छात्रा ने की खुदकुशी Bakrid 2026: बकरीद पर गाय की कुर्बानी न करें मुस्लिम समुदाय; ऑल इंडिया पसमांदा उलेमा बोर्ड की बड़ी अ... J&K NIA Raid: जम्मू-कश्मीर में NIA की बड़ी कार्रवाई; शोपियां और श्रीनगर के कई ठिकानों पर छापेमारी Karnataka River Accident: कर्नाटक के भटकल में बड़ा हादसा; नदी में सीपियां निकालने गए एक ही परिवार के... Muzaffarpur Crime: मुजफ्फरपुर में जिगरी दोस्त की पत्नी को लेकर फरार हुआ युवक; चाकू लेकर घर पर बोला ध... Delhi-Gurugram Traffic: द्वारका एक्सप्रेसवे मायापुरी रिंग रोड तक बढ़ेगा; दिल्ली-गुरुग्राम के बीच 55%... Mamata Banerjee News: ममता बनर्जी का केंद्र पर तीखा हमला, बोलीं- 'देखूंगी संविधान में ज्यादा ताकत है... Ganga Dussehra Haridwar: हरिद्वार में गंगा दशहरा पर उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब; हर की पैड़ी पर लगी... Palwal Rajak Case: पलक रजक मौत मामले में आरोपी पति अमित का सरेंडर; सास और देवर अब भी फरार Falta Bypoll Result: फालता में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत; देबांग्शु पांडा ने 1.09 लाख वोटों से दर्ज की ...

थाईलैंड के समुद्र तट हजारों मरी हुई मछलियों भरी

चुम्फॉनः थाईलैंड के दक्षिणी चुम्फॉन प्रांत में समुद्र तट के चार किलोमीटर लंबे हिस्से में हजारों मरी हुई मछलियाँ बहकर आ गईं। विशेषज्ञों का मानना ​​है कि इस घटना के लिए जलवायु परिवर्तन जिम्मेदार है। कासेट्सर्ट यूनिवर्सिटी के मत्स्य पालन संकाय के डिप्टी डीन थॉन थम्रंगनावासवत का कहना है कि समुद्र में खर पतवार में जबर्दस्त बढ़ोत्तरी की वजह से शायद इतनी सारी मछलियां मर गई हैं।

यह समुद्री खर पतवार अपने इलाके में ऑक्सीजन खींच लेता है। इससे वहां रहने वाले समुद्री जीवों के लिए जीवन का संकट उत्पन्न हो जाता है। उन्होंने कहा कि समुद्री खर पतवार का खिलना एक प्राकृतिक घटना है; जिससे पानी में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है और इसकी कमी से मछलियाँ मरने लगती हैं।

मूंगे के क्षय से लेकर प्लवक के खिलने तक, कई प्राकृतिक घटनाएं हजारों से लाखों वर्षों में स्वाभाविक रूप से घटित होती हैं। लेकिन जैसे-जैसे जलवायु परिवर्तन के कारण दुनिया गर्म हो रही है, ऐसी प्राकृतिक घटनाएं बढ़ेंगी और बार-बार होने लगेंगी। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, प्लवक का खिलना साल में दो बार होता है और आमतौर पर दो से तीन दिनों तक रहता है।

अधिकारियों ने आगे की जांच के लिए समुद्री जल एकत्र किया है। इस साल दुनिया भर में समुद्री पानी के तापमान को लेकर चिंता बढ़ गई है. ब्रिटिश मौसम कार्यालय के अनुसार, वैश्विक समुद्री सतह का तापमान पिछले अप्रैल और मई में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। यह अल नीनो के प्रभाव और मानव-प्रेरित जलवायु परिवर्तन के कारण है।

इस महीने टेक्सास के समुद्र तट भी हजारों मरी हुई मछलियों से अटे पड़े थे। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि जैसे-जैसे तापमान बढ़ेगा, ब्रिटिश तटों के आसपास के क्षेत्र शैवाल से ढक सकते हैं।  दूसरी तरफ अमेरिका और मेक्सिको  में भी इसी किस्म के विशाल समुद्री खर पतवार के आगे बढ़ने की पूर्व चेतावनी पहले ही जारी कर दी गयी थी।