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जलसंकट तो इस साल का दूर होगा पर अगले साल ?

  • बहुत बड़े संकट की ओर बढ़ रही है रांची

  • सुधार नहीं तो 2030 तक पानी खत्म होगा

  • गलत तरीके से हो रहा जल रिचार्ज का काम

राष्ट्रीय खबर

रांचीः लगातार दो दिनों की बारिश के बाद भी रांची के भूगर्भस्थ जलस्तर अब तक नहीं सुधरा है। वैसे अगर बारिश का यह क्रम जारी रहा तो तय है कि आने वाले कुछ दिनों में इस स्थिति में उल्लेखनीय सुधार होगा। इसके बीच से ही जो सवाल उभर रहा है, वह ज्यादा महत्वपूर्ण है। एक राष्ट्रीय रिपोर्ट में जिन शहरों के वर्ष 2030 तक जलशून्य होने की चेतावनी दी गयी है, उनमें रांची भी शामिल है। दूसरी तरफ वैज्ञानिक यह भी बता चुके हैं कि भारत सहित दक्षिण पूर्व एशिया के अनेक इलाकों में अगले पांच वर्षों तक सहने से परे तक की गर्मी पड़ेगी। अब सवाल यह उठता है कि आने वाले सालों के लिए कमसे कम पानी का संकट उत्पन्न ना हो, इसके लिए क्या योजना है।

हर आदमी को यह दिख रहा है कि इतनी गर्मी के बाद भी बड़ा तालाब का पानी का स्तर कम नहीं हुआ। इसका पहला कारण तो जनता समझ सकती है कि अपर बाजार के नाले का सारा पानी अंदर से इसमें आता है। बारिश होने के बाद इस तालाब के पानी का रंग जिस तरीके से बदला है, वह इसे साबित भी कर देता है।

लेकिन चूंकि बड़ा तालाब के जलस्तर से बहुत बड़ी आबादी का जनजीवन जुड़ा है, इसलिए यह जान लेना जरूरी है कि अपर बाजार के नाली के जलप्रवाह को रोकने के साथ साथ इस तालाब की गहरी खुदाई और सफाई भी जरूरी है। इस बारे में एक वैज्ञानिक डॉ मृदुल विश्वास ने पहले ही कह दिया था कि दरअसल लगातार सिल्ट जमते जमते ऐसे जलागारों के नीचे की जमीन सीमेंट से भी अधिक मजबूत हो जाती है। उनकी खुदाई आसान नहीं होती। बड़ा तालाब के बारे में उनका अनुमान था कि इस तालाब को कमसे कम बीस फीट और गहरा करना पड़ेगा क्योंकि यह बीस फीट तो सिर्फ सिल्ट ही जमा होगा। उसके बाद ही वहां से आस पास के इलाकों का वाटर रिचार्ज बेहतर हो पायेगा।

अब शहर के बाकी इलाकों की बात करें तो जलसंकट वाले इलाकों के बहुमंजिली इमारतों में रहने वालों का भरोसा भी अपने पैसे से शायद टूट चुका होगा। इनलोगों की आवासीय कॉलोनी में डीप बोरिंग की गयी थी। इस बार की गर्मी में अधिकांश बोरिंग फेल हो चुके हैं। लोगों को भरोसा है कि इस बारिश में जमीन के अंदर का पानी फिर से रिचार्ज हो जाएगा। यह सोच ही गलत है क्योंकि अधिकांश ऐसे बहुमंजिली इमारतों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग का जो तरीका अपनाया गया है, वह लोगों को ठगने वाला है। (जारी)