Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
संसद के मानसून सत्र के अंतिम दिन राज्यसभा में जोरदार हंगामा, खरगे के 'मंच शुद्धिकरण' बयान पर सत्ता प... सतवास के मोहाईजागीर में नाले के तेज बहाव में मासूम बच्चा लापता, रातभर सर्चिंग के बाद फिर शुरू हुआ रे... ग्वालियर में 13 वर्षीय नाबालिग किशोरी का अपहरण कर दिल्ली में दुष्कर्म, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्त... सिंहस्थ 2028 के लिए एमपी सरकार का बड़ा कदम, UDA के पूर्व प्रमुख जगदीश अग्रवाल बने सिंहस्थ मेला प्राध... मध्य प्रदेश में अब रातभर गुलजार रहेंगे बाजार, राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने 'मध्य प्रदेश कार्यस्थल सशक्ति... आखिरकार सागर में बनेगा नया एयरपोर्ट: केंद्रीय मंत्री और विधायक शैलेंद्र जैन की वार्ता के बाद रास्ता ... छतरपुर में दर्दनाक हादसा: जटाशंकर धाम से लौट रही अनियंत्रित कार 50 फीट गहरे कुएं में गिरी, 1 युवक की... चार दशकों से ओंकारेश्वर वन्यजीव अभयारण्य की अधिसूचना लंबित, MP हाईकोर्ट ने स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड क... श्योपुर: अतिक्रमण हटाने गई वन विभाग की टीम पर पथराव व हमला, कई कर्मचारी घायल; रघुनाथपुर थाने में माम... दुबई से अवैध कारोबार चलाने वाले सतीश सनपाल को झटका: MP हाईकोर्ट ने FIR रद्द करने से किया इनकार, चलेग...

झींगुर के कब्जे में अमेरिकी शहर, नागरिक परेशान, देखें वीडियो

नेवेदाः शहरों में कीड़ों का प्रकोप कोई नई बात नहीं है। मौसम बदलने को दौरान ऐसा होता आया है। लेकिन इस बार जो कुछ यहां के नागरिक देख और झेल रहे हैं, वह मौसम के बदलाव अथवा किसी बड़े खतरे का संकेत तो नहीं है।

अमेरिका के नेवादा के एल्को इलाके में जो हुआ वो नया कहा जा सकता है। इस शहर पर अब भृंगों यानी झींगुरों ने हमला किया है। बताया जाता है कि किसी फसल को नुकसान नहीं हुआ है और कुछ नहीं बिगड़ा।

देखें शहर में झींगुर से क्या हाल हुआ है

हालांकि, लाखों कीड़ों ने घर के आसपास, सड़कों पर शरण ले रखी है। इससे लोगों को आने-जाने में अस्थायी परेशानी हुई है। इस घटना के वीडियो में देखा जा सकता है कि लोगों के घरों के आसपास रैटलस्नेक नजर आ रहे हैं. यहां तक ​​कि घर के बगल में खड़ी कार भी झींगुरों से भरी है।

बताया जा रहा है कि इस कीट के प्रकोप से वहां के एक अस्पताल का प्रवेश द्वार भी बंद कर दिया गया है। आम आदमी कीड़ों के इस तरह खुलेआम घूमने से तंग आ चुका है। इस संबंध में, निवासी कोलेट रेनॉल्ड्स ने कहा, आप यहां बहुत ऊब या असहाय महसूस करेंगे। उन्होंने कहा, जब आप घर के अंदर होंगे तो ऐसा लगेगा कि बाहर बारिश हो रही है।

क्योंकि, वे हर समय चल रहे हैं और इससे जो शोर उत्पन्न हो रहा है, वह मानसिक तौर पर परेशान करने वाला है। फसल को नुकसान नहीं होनेन के बाद भी यहां की इमरजेंसी सेवाएं बाधित हो रही हैं। नॉर्थईस्टर्न नेवादा रीजनल हॉस्पिटल के अधिकारी स्टीव ब्राउज ने बताया कि मरीज को अस्पताल में लाने में काफी स्पीड लगती है।

जब कोई मरीज आता है तो उसे ब्लोअर मशीन और झाड़ू लेकर खड़ा होना पड़ता है, ताकि कोई कीट अस्पताल में प्रवेश न कर सके। हालांकि, नेवादा के एंटोमोलॉजिस्ट जेफ नाइट ने वहां की स्थिति के लिए इंसानों को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा, झींगुरों का इस तरह आना कोई नई बात नहीं है। लेकिन उन्होंने बाढ़ के लिए मानव प्रदूषण को जिम्मेदार ठहराया। उनका मानना ​​है कि यह स्थिति मानव द्वारा कीट आवास के नष्ट होने के कारण उत्पन्न हुई है।