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महिला आईएएस ने सौरभ भारद्वाज के खिलाफ शिकायत की

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और दिल्ली सरकार में विशेष सचिव किन्नी सिंह ने सेवा मंत्री सौरभ भारद्वाज पर गलत व्यवहार का आरोप लगाते हुए सुरक्षा का अनुरोध किया है।

सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) ने इन आरोपों को पूरी तरह से गलत करार दिया और दावा किया कि अधिकारियों को उनकी सरकार के मंत्रियों के खिलाफ शिकायत करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। किन्नी सिंह ने कहा कि उनके लिए सेवा मंत्री के साथ किसी भी व्यक्तिगत बैठक में भाग लेना मुश्किल होगा, जब तक कि पर्याप्त सुरक्षा उपाय और उचित आचरण सुनिश्चित नहीं किया जाता।

विशेष सचिव (सेवा), ने मुख्य सचिव, गृह मंत्रालय और एल-जी कार्यालय को सौंपी गई एक घटना रिपोर्ट में भारद्वाज और सेवा विभाग के अन्य अधिकारियों के साथ 16 मई को बैठक के बाद शिकायत की। मेरा भरोसा उठ गया है कि व्यक्तिगत बैठक के लिए बुलाए जाने पर मेरी सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किया जाएगा।

इसलिए, यह निवेदन किया जाता है कि मेरे लिए मंत्री सौरभ भारद्वाज के साथ किसी भी व्यक्तिगत बैठक में शामिल होना मुश्किल होगा जब तक कि पर्याप्त सुरक्षा उपाय और उचित आचरण सुनिश्चित नहीं किया जाता है। आप ने आरोप लगाया कि अधिकारी द्वारा शिकायत भाजपा की सस्ती राजनीति थी और सवाल किया कि क्या ऐसा कुछ पहले सुना गया था।

भारद्वाज एक बहुत ही सभ्य व्यक्ति हैं। वह अपने विरोधियों के साथ भी इतने विनम्र हैं। जाहिर है, अधिकारी भाजपा के दबाव में ऐसी शिकायतें कर रहे हैं। जिस दिन सेवाएं हमारे अधीन आती हैं, उन्हीं अधिकारियों को मुख्य सचिव, एल-जी के खिलाफ शिकायत करने के लिए बनाया जा सकता है।

हालांकि, सिंह ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि सेवा सचिव आशीष मोरे और उप सचिव अमिताभ जोशी सहित अधिकारी, मंत्री के व्यवहार से पूरी तरह से भयभीत थे, जो फाइलों के बारे में पूछताछ कर रहे थे और उन पर एक कागज पर हस्ताक्षर करने का दबाव बना रहे थे।

सिंह ने अपने पत्र में लिखा, मंत्री के कक्ष में कई बार सेवा दल को बुलाया गया है, हर बार हम गए और सभी निर्देशों का पालन किया और धमकियों और धमकियों के बावजूद हम सार्वजनिक कार्य जारी रखने के लिए कार्य भावना बनाए हुए हैं।

वैसे सरकारी काम काज की जानकारी रखने वालों का मानना है कि अधिकारियों का एक वर्ग भी भाजपा के साथ अथवा केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ मिला हुआ है। अधिकारियों का यह गुट उप राज्यपाल कार्यालय के साथ तय कर ऐसे आरोप लगा रहा है।

वे दरअसल संभावित स्थिति को समझते हुए पहले से अपने बचाव के लिए यह तरकीब अपना रहे हैं। वरना सरकारी अधिकारियों को तबादले से कोई लेना देना नहीं होना चाहिए। जिस तरीके से कुछ अफसरों का आचरण रहा है, वह सामान्य नौकराशाही वाला तो नहीं रहा है।