Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेल ब्रिज पर बादलों को चीरती गुजरी वंदे भारत, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने... जयपुर में दो दोहरे मर्डर केस का खुलासा: शराब के खर्च और बकरियों की रखवाली के विवाद में हत्या, 3 गिरफ... समस्तीपुर में दर्दनाक वारदात! खेत में चारा लेने गई नाबालिग से गैंगरेप, पीड़िता की हालत गंभीर "जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अटूट अंग थे, हैं और रहेंगे": NYT के 'Pakistani Kashmir' शब्द पर भारत... दिल्ली में कांवड़ यात्रा को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी! जानें 11 अगस्त तक कौन-कौन से रास्ते रहेंगे ब... गुरुग्राम की 'लुटेरी दुल्हन' गिरफ्तार! प्यार के जाल में फंसाकर ऐंठे 21 लाख, 13 मुकदमों का खुलासा बांकीपुर उपचुनाव में वोटिंग के बीच सियासी घमासान, बीजेपी ने जन सुराज पर लगाया फर्जी मतदान का आरोप आरएसएफ नेता ने अपने लड़ाकों को खुली छूट दी जापान के फुजिसावा शहर में नये किस्म का वैचारिक तनाव बढ़ा 'वंदे मातरम' का अपमान अब अपराध! राज्यसभा में बिल पास; कांग्रेस के वॉकआउट पर नित्यानंद राय का तीखा हम...

चार राज्यों के नेताओं को तैयारी के लिए बुलाया गया

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः कर्नाटक का विधानसभा चुनाव जीत लेने के बाद अब कांग्रेस की नजर इस बार चार और राज्यों पर है। इन चार राज्यों में से दो में कांग्रेस, एक में बीजेपी और एक में बीआरएस की सरकार है।

इन 4 राज्यों- राजस्थान, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव इसी साल होने हैं। इससे पहले कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने राज्यों में पार्टी संगठन की स्थिति को समझने के लिए प्रांतीय नेताओं को दिल्ली बुलाया था। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे अगले बुधवार को 4 राज्यों के नेताओं के साथ बैठक करेंगे।

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में विधानसभा चुनाव की रणनीति पर भी चर्चा हो सकती है। राजस्थान में कांग्रेस सत्ता में है। हालांकि, उस राज्य में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच संघर्ष ने कांग्रेस को चिंता में डाल रखा है। हाल ही में, सचिन ने गहलोत सरकार पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाकर एक सार्वजनिक विरोध यात्रा शुरू की है।

मध्य प्रदेश में भी पार्टी के भीतर खींचतान चल रही है। 2018 में राज्य की सत्ता में आने के बावजूद ज्योतिरादित्य सिंधिया की पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से अनबन के चलते मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिर गई थी। ज्योतिरादित्य 22 वफादार विधायकों के साथ भाजपा में शामिल हुए।

लेकिन कांग्रेस खेमे को उम्मीद है कि चूंकि भोपाल सीट पर दो दशक से भाजपा का कब्जा है, इसलिए सत्ता विरोधी वोट उनके पक्ष में जा सकते हैं। हालांकि छत्तीसगढ़ में जाहिर तौर पर कोई बड़ा संकट नहीं है, लेकिन पंजाब छाप की चुनावी तैयारियों में आलाकमान कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता है।

तेलंगाना में चंद्रशेखर राव की बीआरएस और असदुद्दीन वैसी की पार्टी में भी वोटों की लड़ाई है। आंध्र प्रदेश से अलग होने के बाद कांग्रेस पहली बार तेलंगाना में अच्छे नतीजों की उम्मीद कर रही है। कांग्रेस खेमे के एक वर्ग को लगता है कि कर्नाटक में डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच मीठे रिश्ते के बावजूद पार्टी ने इसे अच्छी तरह से संभाला है। इसलिए कांग्रेस कर्नाटक को आगे रखते हुए बाकी चुनावी राज्यों की तैयारी कर रही है।