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छक्कों की बारिश ने रिंकू को कर्ज और चिंता मुक्त किया

  • उसके खेलने पर ही कर्जा हो गया था

  • पिताजी कठिन परिश्रम का काम करते थे

  • इतने दिनों बाद अब उसका मन हल्का है

राष्ट्रीय खबर

कोलकाताः चालू आईपीएल में रिंकू सिंह एक धूमकेतु की तरह उभरे हैं। गुजरात टाइटंस के खिलाफ आखिरी 5 गेंदों में 5 छक्के लगाकर उसने अपनी टीम कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत दिलाई। केकेआर ने उन्हें हीरो का दर्जा दिया।

रिंकू को लेकर मौजूदा और पूर्व क्रिकेटर काफी उत्साहित हैं। इस बार उन्होंने छठा छक्का लगाया। यह मैदान से बाहर है। गरीब घर से आने वाला रिंकू ने अब बताया कि वह भारी कर्ज में डूबा हुआ था। केकेआर के क्रिकेटर ने उस पैसे का निपटान किया। इस बार वह अच्छी नींद ले रहा है। कुछ साल पहले भी तस्वीर ऐसी नहीं थी।

आईपीएल में टीम मिलने से पहले रिंकू को खेल से ज्यादा मैदान की चिंता थी। पिताजी घर-घर रसोई गैस सिलेंडर पहुंचाते थे। खेलने के खर्च के लिए उन्होंने परिवार से काफी पैसे उधार लिए थे। उत्तर प्रदेश के इस बल्लेबाज को समझ नहीं आ रहा था कि उस कर्ज को कैसे चुकाया जाए।

कोलकाता जीतने के बाद एक इंटरव्यू में रिंकू ने कहा, काफी पैसा उधार लिया गया था। रात को ठीक से नींद नहीं आई। हमेशा सोचता था कि कर्ज कैसे चुकाऊं। अंत में मैं ऋण चुकाने में सक्षम था। अब घर में आर्थिक परेशानी नहीं होगी। अब रात को बेहतर नींद आती है।

रिंकू चाहता है कि पापा इस बार काम छोड़ दें। वे पांच भाई हैं जो परिवार की जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार हैं। रिंकू ने कहा, मैं सब कुछ परिवार के लिए कर रहा हूं। मैंने पापा से कहा कि इस बार गैस सिलेंडर पहुंचाने का काम छोड़ दो। इस बार जिम्मेदारी हमारी है।

पिता नहीं चाहते थे कि रिंकू क्रिकेट खेले लेकिन मां उनके साथ थीं। घरेलू क्रिकेट में धीरे-धीरे अपनी जगह पक्की करने के बाद रिंकू इस बार आगे देखना चाहते हैं। अब यह उसकी आंखों में सिर्फ एक सपना है। वह उस सपने को पूरा करने की ओर दौड़ रहे हैं।