Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
कांच के विशाल भंडार से अंतरिक्ष की प्रतिक्रिया की पुष्टि हुई करेंसी मार्केट में हड़कंप! युद्ध के बीच रिकॉर्ड स्तर पर गिरा भारतीय रुपया, आपकी जेब पर कैसे होगा इसक... Google की बढ़ी टेंशन! रॉकेट की स्पीड वाला नया ChatGPT लॉन्च, इन फीचर्स के आगे सब फेल! सावधान! होली पर ग्रहों का बड़ा फेरबदल: शनि की दृष्टि बिगाड़ सकती है खेल? जानें अपनी राशि का हाल होली का मजा न बन जाए सजा! ज्यादा भांग पीने से शरीर पर होते हैं ये 5 बुरे असर, डॉक्टर ने दी चेतावनी ट्रेन से बांधा पूरा पेड़! होलिका दहन के लिए ऐसा पागलपन देख हैरान रह गई पुलिस, गिरफ्तार हुए सभी आरोपी Himachal Weather Update: हिमाचल में बदलेगा मौसम, अगले 3 दिन भारी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट बरेली में 'इश्क' का दर्दनाक अंत: प्रेमिका की मौत की खबर सुनते ही प्रेमी भी फंदे पर झूला, एक साथ खत्म... Bhagalpur News: भागलपुर में दुकान में घुसी मुखिया की अनियंत्रित कार, एक की मौत और 8 घायल सावधान! होली पर बदलने वाला है मौसम: इन राज्यों में बारिश की चेतावनी, दिल्ली-NCR में चलेंगी तेज हवाएं

चीन के उत्तरी शहर ने ठंड का नया रिकार्ड बनाया

बीजिंगः चीन के सबसे उत्तरी शहर मोहे में कल का दिन नया रिकार्ड बनाने वाला रहा। इस शहर में कल न्यूनतम तापमान शून्य से 53 डिग्री नीचे दर्ज किया गया। वैसे भी इस इलाके में दूसरे प्रांतों के मुकाबले अधिक ठंड पड़ती है। इसी वजह से इस इलाके को ही चीन का उत्तरी ध्रुव भी कहा जाता है।

फिर भी इस किस्म की ठंड की उम्मीद किसी को नहीं दी। रूस के साइबेरिया के करीब के हेलिलोंगजांग प्रांत के इस शहर में पहली बार इतनी अधिक ठंड पड़ी है। इससे पहले वर्ष 1969 में यहां माइनस 52.3 डिग्री का तापमान का रिकार्ड था।

चीन के मौसम वैज्ञानिकों ने यह चेतावनी दे दी है कि देश के कई इलाकों में अभी ठंड का प्रकोप जारी रहेगा। इस बीच चीन के इस कड़ाके की ठंड के बीच पड़ोसी रूस के याकूस्क इलाके में नया रिकार्ड बना है। वहां पर माइनस 62.7 डिग्री तापमान का रिकार्ड बना है।

यह वहां के लिहाज से भी दो दशक का सबसे अधिक ठंड है। चीन के मोहे में ठंड का मौसम अक्टूबर माह से ही प्रारंभ हो जाता है। यह ठंड मई महीने तक कायम रहती है। इस दौरान वहां अधिकांश समय रात का तापमान शून्य से नीचे चला जाता है। इसी वजह से यह प्रसिद्ध पर्यटन केंद्र भी है।

वर्ष 2018 में यहां बर्फीला कोहरा भी छा गया है। यानी इस दौरान शून्य से नीचे के तापमान के दौरान हवा में मौजूद पानी के अंश भी तरल होकर नीचे आने लगते हैं। इस वक्त इस खतरे को भांपते हुए पहली बार मौसम विभाग ने नागरिकों के लिए चेतावनी का लाल संकेत जारी किया था।

इस बार ऐसी कोई चेतावनी नहीं दी गयी थी। फिर भी अचानक इस तरीके से तापमान में कमी आने से स्थानीय नागरिक भी हैरान है और पूरे इलाके का जनजीवन पूरी तरह बाधित हो गया है।