तिरंगा अभियान के तहत कनाट प्लेस में जुटी हजारों की भीड़
सुबह ही उसके घर पहुंच गयी थी पुलिस
नेहा बोरा को जंतर मंतर के पास रोका
कड़ी सुरक्षा के बाद भी हजारों लोग पहुंचे
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके को शुक्रवार को दिल्ली में लहरा दो तिरंगा रैली में शामिल होने से ठीक कुछ मिनट पहले उनके घर से हिरासत में ले लिया गया। एक हफ्ते के भीतर दिपके को दूसरी बार हिरासत में लिया गया है। इससे पहले, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची में हेरफेर के आरोपों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के लिए मुंबई से दिल्ली पहुंचे दिपके को विमान से उतरते ही हिरासत में ले लिया गया था।
इस मार्च का मुख्य कारण सीजेपी सदस्य सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी थी। 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थल के रूप में गैर-अधिसूचित किए जाने के अगले दिन ये दोनों राष्ट्रीय ध्वज फहराते हुए वहां पहुंचे थे, जिसके बाद उन्हें पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस के साथ बातचीत के दौरान दिपके से कहा गया, आप नई दिल्ली नहीं जा सकते। हम आपको डिटेन कर रहे हैं। इस पर उन्होंने जवाब दिया, नई दिल्ली नहीं जा सकता, कहीं और तो जा सकता हूं। मैंने कौन सा कानून तोड़ा है?
इसी बीच, 29 वर्षीय छात्र नेता नेहा बोरा को जंतर-मंतर के पास से हिरासत में लिया गया। कॉकरोच युवा आंदोलन के नेतृत्व में किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों के प्रयासों पर प्रशासन की सख्ती के तहत इस सप्ताहांत कई प्रमुख कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है, जिनमें नेहा बोरा भी शामिल हैं।
आज की कार्रवाई से पहले दिल्ली पुलिस दिपके के घर पहुंची थी और उन्हें मार्च न निकालने का नोटिस थमाया था। बीएनएस की धारा 163 के तहत जारी इस नोटिस में कहा गया था कि शहर के केंद्र और प्रमुख व्यावसायिक केंद्र कनॉट प्लेस क्षेत्र के आसपास निषेधाज्ञा लागू है। नोटिस में चेतावनी दी गई थी कि नई दिल्ली नगरपालिका परिषद ने प्रस्तावित तिरंगा यात्रा की अनुमति नहीं दी है, और यदि सीजेपी इस मार्च को आगे बढ़ाती है तो इसे कानून का उल्लंघन माना जाएगा।
गांधीजी की तस्वीर वाली सफेद टी-शर्ट और डेनिम पहने 31 वर्षीय दिपके को यह भी बताया गया कि तिरंगा फहराना कानून के खिलाफ नहीं है, लेकिन बिना अनुमति के मार्च निकालना और भीड़ जुटाना प्रतिबंधों का उल्लंघन होगा तथा पुलिस कानूनी कार्रवाई करेगी। उन्हें ध्वज संहिता के अनुसार राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करने के नियमों के बारे में भी जानकारी दी गई।सामने आए एक वीडियो में कंधों पर छोटा तिरंगा लपेटे और अपने बैठक के कमरे में सोफे पर बैठे दिपके सामने मौजूद पुलिसकर्मी से पूछते दिखे, क्या आरोप लगा दिया है आपने मेरे ऊपर? कांच की मेज पर रखे कागजों को देखते हुए दिपके पुलिसकर्मियों से सवाल-जवाब करते नजर आ रहे हैं।
सीजेपी के लहरा दो तिरंगा मार्च से पहले कनॉट प्लेस में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी। इसके बाद भी हजारों लोग इस इलाके में तिरंगा के साथ मार्च में शामिल हुए। जिसके तहत मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने तथा एसआईआर को रद्द करने की मांग दोहरायी गयी।