स्विटजरलैंड के राष्ट्रपति परमेलिन से मिले प्रधानमंत्री
कई समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं
सौ अरब डॉलर का निवेश करेंगे
दस लाख रोजगार सृजन का लक्ष्य
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ परमेलिन के बीच सोमवार को हुई द्विपक्षीय बैठक के दौरान भारत और स्विट्जरलैंड ने रक्षा, परमाणु ऊर्जा और प्रवासन (मोबिलिटी) के क्षेत्रों में आपसी सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करने पर सहमति जताई। इस मुलाकात के बाद दोनों देशों के बीच लंबी अवधि के वीजा और युवा पेशेवरों के आदान-प्रदान को आसान बनाने वाले महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
विदेशी मेहमान स्विस राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद पीएम मोदी ने कहा, आज हमने सैन्य आदान-प्रदान और रक्षा उत्पादन में सहयोग के नए अवसरों की पहचान की है। इसके अलावा, हमने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आपसी सहयोग को और गहरा करने को लेकर भी आम सहमति बनाई है।
जन-से-जन के संपर्कों को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि आज हस्ताक्षरित माइग्रेशन एंड मोबिलिटी पार्टनरशिप एग्रीमेंट और यंग प्रोफेशनल्स एग्रीमेंट से भारतीय छात्रों, शोधकर्ताओं, पेशेवरों और युवाओं के लिए स्विट्जरलैंड में नए अवसरों के द्वार खुलेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस समझौते का उद्देश्य समान उपचार के सिद्धांतों के तहत प्रवासन सहयोग विकसित करना तथा राष्ट्रीय कानूनों के अनुसार अनियमित प्रवासन और मानव तस्करी को रोकना है। अगले पांच साल तक के लिए बहु-प्रवेश वीजा, जिसमें प्रत्येक यात्रा पर छह महीने तक रुकने की अनुमति होगी। एक-वर्षीय छात्र परमिट। प्रति वर्ष प्रति देश 300 व्यक्तियों का आदान-प्रदान शामिल है, जिसे बढ़ाकर 500 किया जा सकता है।
स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति परमेलिन की सराहना करते हुए पीएम मोदी ने कहा, मैं भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना करता हूँ। पिछले साल अक्टूबर में उनके व्यक्तिगत सहयोग से हमने भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ देशों के बीच ऐतिहासिक व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते को लागू किया था। इस समझौते के माध्यम से अगले 15 वर्षों में भारत में 100 अरब डॉलर का निवेश आकर्षित करने और 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। राष्ट्रपति परमेलिन ने कहा कि यह साझेदारी दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद है, जहाँ भारत को पूंजी, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और उच्च मूल्य वर्धित वस्तुओं के लिए आसान बाजार मिलता है, वहीं स्विट्जरलैंड को एक विशाल और स्थिर रूप से बढ़ रहे साझेदार के साथ व्यापार करने का लाभ मिलता है।
इसके अतिरिक्त, परिवहन और बुनियादी ढांचे पर सहयोग के लिए भी एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। प्रधानमंत्री ने स्विस बुनियादी ढांचा कंपनियों को भारत में बड़े पैमाने पर निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। साथ ही, स्वास्थ्य, स्वच्छ ऊर्जा और अंतरिक्ष जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में नई संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं जल्द ही शुरू की जाएंगी।