आप और पुलिस को महिलाओँ से क्या डर हैः राहुल गांधी
दोनों महिला पत्रकारों को पीटा गया
जंतर मंतर पर महिलाओँ से दुर्व्यहार
पुलिस ने सभी आरोपों का खंडन किया
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार, 5 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस पर सत्ता से सवाल पूछने वाली महिलाओं को चुप कराने का पैटर्न अपनाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने साकेत पुलिस स्टेशन में महिला पत्रकारों शाहीन और नफ़ीसा खान के साथ कथित मारपीट और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकारों के साथ हुए दुर्व्यवहार का हवाला देते हुए पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो पोस्ट शेयर करते हुए राहुल गांधी ने कहा, इस समय दिल्ली में जो हो रहा है, उसका एक ही पैटर्न है: जो भी महिला सवाल पूछने की हिम्मत करती है, उसे चुप करा दो। उनके द्वारा साझा किए गए वीडियो में वे 4पीएम न्यूज नेटवर्क की पत्रकारों शाहीन खान और नफ़ीसा खान से मिलते नजर आ रहे हैं।
दोनों पत्रकारों ने आरोप लगाया है कि वे 3 सितंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के एक कार्यक्रम को कवर करने गई थीं। साकेत के मैक्स स्मार्ट सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में एक नई विंग के उद्घाटन के दौरान जब वे मुख्यमंत्री से सवाल पूछने का प्रयास कर रही थीं, तब पुलिस ने हस्तक्षेप किया। उनका आरोप है कि उन्हें साकेत पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहाँ उनके फोन जब्त कर लिए गए, उन्हें जेल में डालने की धमकी दी गई और एफआईआर दर्ज की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें एक कमरे में ले जाकर महिला कर्मियों समेत पुलिसकर्मियों द्वारा पीटा गया।
पत्रकार शाहीन ने आरोप लगाया कि एक पुलिस अधिकारी को जब यह पता चला कि वे दोनों मुस्लिम हैं, तो उनके साथ बर्बरता और बढ़ गई। उनके अनुसार, उन्हें थप्पड़ मारे गए, लातें मारी गई, बालों से घसीटा गया और डंडों से पीटा गया। उनके संस्थान द्वारा जारी वीडियो में उनके शरीर पर चोट के निशान भी दिखाए गए।
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि पत्रकारों ने अपना स्कूटर एक ऐसे स्थान पर पार्क किया था जिससे वीवीआईपी मार्ग बाधित हो रहा था। पुलिस के अनुसार, क्षेत्र को खाली करने के बार-बार निर्देश देने के बावजूद जब उन्होंने मना किया, तब उन्हें थाने लाया गया था। पुलिस ने मारपीट और धार्मिक प्रताड़ना के आरोपों को झूठा और भ्रामक करार दिया है।
यह विवाद 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन को कवर कर रही महिला पत्रकारों से जुड़े एक अन्य मामले के बीच फिर से गरमा गया है। तीन महिला पत्रकारों ने आरोप लगाया है कि विरोध प्रदर्शन कवर करते समय पुलिसकर्मियों ने उनके साथ यौन उत्पीड़न और बदसलूकी की। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में निष्पक्ष जांच के लिए शिकायतें क्राइम ब्रांच को सौंप दी हैं और महिला पत्रकारों की मेडिकल जांच कराई है। पुलिस ने जनता से इस मामले मंक वीडियो फुटेज उपलब्ध कराने की भी अपील की है।
राहुल गांधी ने मांग की है कि साकेत पुलिस स्टेशन का पूरा सीसीटीवी फुटेज तुरंत सार्वजनिक किया जाए और दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सीधे तौर पर सवाल पूछते हुए कहा, मिस्टर अमित शाह—आप और आपकी पुलिस महिलाओं से इतनी क्यों डरती है?