ट्रंप ने की तेहरान के साथ बेहद अच्छी बैठक की पुष्टि
वाशिंगटनः संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च स्तरीय सत्र के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए एक महत्वपूर्ण और बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पुष्टि की है कि अमेरिकी अधिकारियों और ईरानी प्रतिनिधियों के बीच न्यूयॉर्क में लगभग तीन घंटे तक एक बेहद अच्छी बैठक संपन्न हुई है। संयुक्त राष्ट्र के मंच से वैश्विक नेताओं को संबोधित करते हुए, खाड़ी क्षेत्र के हालातों पर गहरी चिंता जताई गई है। कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को चेताते हुए कहा कि अमेरिका और इज़राइल के नेतृत्व में ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य संघर्ष के कारण पूरा खाड़ी क्षेत्र अपने इतिहास के सबसे खतरनाक दौर से गुजर रहा है। उन्होंने इस जटिल संकट के एक मात्र और स्थायी समाधान के रूप में केवल कूटनीति का रास्ता अपनाने पर जोर दिया।
ईरानी अधिकारियों के साथ हुई सीधी चर्चा के अलावा, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने खाड़ी सहयोग परिषद के शीर्ष नेताओं के साथ भी अलग से महत्वपूर्ण बैठकें कीं। यह कूटनीतिक संवाद इस लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि मौजूदा क्षेत्रीय संघर्ष से खाड़ी के ये देश सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। इन देशों की अपनी घरेलू जमीनों पर कई दशकों से अमेरिकी सैन्य अड्डे बने हुए हैं, जिन्हें कभी इन मुल्कों के लिए एक अचूक सुरक्षा कवच या गारंटी माना जाता था। हालांकि, मौजूदा संकट और हमलों के बीच यह सुरक्षा व्यवस्था उतनी सुरक्षित साबित नहीं हुई है जैसी उम्मीद की जा रही थी। इसी बात को लेकर वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र के मंच पर अमेरिका और उसके खाड़ी सहयोगियों के बीच एक स्पष्ट तनाव और अविश्वास का माहौल देखने को मिल रहा है।
इन उच्च स्तरीय वार्ताओं के दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा और लगभग पंगु बन चुके व्यावसायिक नौवहन मार्गों की सुरक्षा मुख्य केंद्र बिंदु रहे। इस दौरान यह भी सामने आया कि कतर ने खाड़ी क्षेत्र की इन तात्कालिक सुरक्षा चिंताओं और समुद्री जहाजों के आवागमन के संकट को सुलझाने के लिए एक नया और व्यापक प्रस्ताव पेश किया है। हालांकि, इन तमाम प्रयासों और मुलाकातों के बावजूद अभी तक किसी भी प्रकार की बड़ी कूटनीतिक सफलता या समझौते की घोषणा नहीं हो सकी है। इन बैठकों के बाद जब अमेरिकी राष्ट्रपति मीडिया के सामने आए, तो उन्होंने एक बार फिर ईरान के मुद्दे को प्रमुखता से रखा।