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अज्ञात हमलावर की फायरिंग में ग्यारह घायल

तुर्किए के पश्चिमी हिस्से में हाई स्कूल के पास हुई गोलीबारी

टेक्निकल स्कूल के पास की घटना है

राहगीरों और छात्रों पर गोलियां चलायी

संदिग्ध को भी हिरासत में लिया गया है

इस्तांबुलः तुर्किए के पश्चिमी क्षेत्र में स्थित एक उच्च विद्यालय के समीप एक हमलावर द्वारा अचानक की गई अंधाधुंध गोलीबारी में कम से कम ग्यारह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। स्थानीय प्रशासन और देश के न्याय मंत्रालय ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया है कि यह दुखद वारदात मंगलवार की सुबह तुर्किए के पश्चिमी मनीसा प्रांत के तुर्गुतलू जिले में स्थित एक वोकेशनल और टेक्निकल हाई स्कूल के आसपास हुई। देश के प्रमुख समाचार चैनल हाबेर्टुरक के अनुसार, इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने वाला संदिग्ध हमलावर उसी शिक्षण संस्थान का एक छात्र है, जिसने स्कूल परिसर के बाहर राहगीरों और छात्रों को निशाना बनाकर गोलियां बरसाईं।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और सुरक्षा बल तुरंत हरकत में आए और त्वरित कार्रवाई करते हुए हमलावर छात्र को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया। तुर्किए के न्याय मंत्री अकिन गुरलेक ने मंगलवार सुबह मीडिया को जानकारी दी कि इस अचानक हुए हमले में घायल हुए कुल ग्याहर लोगों में से दो की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जिनका इलाज नजदीकी अस्पतालों के आईसीयू में चल रहा है। इसके साथ ही, पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए संदिग्ध छात्र के माता-पिता और उसके दादा को भी हिरासत में ले लिया है, क्योंकि हमले में इस्तेमाल किया गया हथियार उसके परिवार के किसी सदस्य के नाम पर पंजीकृत था।

न्याय मंत्री अकिन गुरलेक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए लिखा कि जब हमारे बच्चों की सुरक्षा का सवाल हो, तो किसी भी प्रकार की लापरवाही या गैर-जिम्मेदारी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बात की गहराई से जांच की जा रही है कि आखिर उस नाबालिग बच्चे को वह खतरनाक हथियार कैसे और किन परिस्थितियों में मिला, घर में हथियारों के रखरखाव के क्या नियम थे तथा माता-पिता की बच्चों के प्रति देखरेख की क्या जिम्मेदारी थी। इसके अलावा, अधिकारियों द्वारा इस बात की भी विशेष जांच की जा रही है कि क्या स्कूल के भीतर उस छात्र के साथ किसी प्रकार की रैगिंग या उत्पीड़न हुआ था, जिसके चलते उसने इस खौफनाक कदम को उठाया।

गौरतलब है कि अप्रैल में हुई पहली घटना में शानलिउर्फा प्रांत के एक हाई स्कूल में एक पूर्व छात्र की गोलीबारी में सोलह लोग घायल हो गए थे, जिसके बाद हमलावर ने आत्महत्या कर ली थी। इस घटना के ठीक अगले दिन कहरमनमारस प्रांत के एक स्कूल में चौदह वर्षीय छात्र ने नौ लोगों की जान ले ली थी और तेरह अन्य को घायल कर दिया था, जिसे बाद में पुलिस ने मार गिराया था।