Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
अब अंतरिक्ष अभियानों में मददगार बनने जा रहा है ए आई धमतरी में दोस्त की हत्या के मामले में आरोपी को उम्रकैद: हेलमेट से सिर पर वार कर उतारा था मौत के घाट बीजापुर में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई: पेगड़ापल्ली जंगल से भारी नक्सल डंप और विस्फोटक बरामद सुकमा: पोलमपल्ली पोटाकेबिन में 47 छात्राओं की बिगड़ी तबीयत; दूषित भोजन-पानी की आशंका, अस्पताल में मच... बुंदेली, मालवी और निमाड़ी क्रिएटर्स के जरिए युवाओं तक पहुंचेगी सरकार की योजनाएं; MP बीजेपी का 2028 क... रूढ़ियों को तोड़ा: बुरहानपुर में सॉफ्टवेयर इंजीनियर बेटी ने मां को दी मुखाग्नि, पति के सपोर्ट से निभ... उज्जैन महाकाल मंदिर में श्रावण माह में बना नया कीर्तिमान: पहली बार 1.57 करोड़ से अधिक भक्तों ने किए ... सतना-चित्रकूट में बाढ़ का विकराल रूप: मंदाकिनी नदी उफान पर, चारों तरफ से संपर्क टूटा; NDRF व SDERF क... एम्स भोपाल में स्वास्थ्य सुविधाओं का महा-विस्तार: नवंबर से रोबोटिक सर्जरी, ₹7500 में PET-CT और फेफड़... खंडवा रेलवे स्टेशन पर मंगला एक्सप्रेस में हड़कंप: पेंट्री कार का खाना खाने से 20 बच्चों की बिगड़ी तब...

पन्ना में बोरवेल बना काल: 8 दिन में एक ही परिवार के 3 सदस्यों की मौत, पिता-छोटे भाई के बाद बड़े बेटे ने भी तोड़ा दम

पन्ना (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के पवई थाना क्षेत्र अंतर्गत नारायणपुरा गांव से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ बोरवेल से जुड़े हादसों ने एक हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया।

महज 8 दिन के अंतराल में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई। शुक्रवार को परिवार के बड़े बेटे सतीश वर्मन (32 वर्ष) की मौत हो गई। इससे पहले 20 अगस्त को बोरवेल में मोटर सुधारने के दौरान उनके पिता उजागर लाल वर्मन (55 वर्ष) और छोटे भाई अटील वर्मन (30 वर्ष) की जान चली गई थी। लगातार तीन मौतों के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और वे प्रशासन की कार्यप्रणाली तथा बोरवेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं।

⚠️ पहले पिता और छोटे भाई की हुई थी मौत: दम घुटने से गई थी जान

पूर्व घटना का विवरण और लापरवाही के आरोप:

  • 20 अगस्त का हादसा: नारायणपुरा गांव में 20 अगस्त को उजागर लाल वर्मन और उनके छोटे बेटे अटील वर्मन बोरवेल में मोटर ठीक करने के लिए नीचे उतरे थे, जहाँ जहरीली गैस या ऑक्सीजन की कमी से दोनों की मौत हो गई थी।

  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट: प्राथमिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पिता-पुत्र की मौत की मुख्य वजह ‘दम घुटना’ (Asphyxiation) सामने आई थी।

  • कार्रवाई का अभाव: परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि पहली घटना के बाद भी स्थानीय प्रशासन ने खुले और असुरक्षित बोरवेल को बंद कराने या सुरक्षा ऑडिट कराने को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

💔 परिवार में तीसरी मौत से मचा कोहराम: स्तब्ध हैं ग्रामीण

गांव में मातम और ग्रामीणों की प्रतिक्रिया:

  • शोक की लहर: बड़े बेटे सतीश वर्मन की मौत की खबर मिलते ही नारायणपुरा और आसपास के इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई।

  • ग्रामीणों का आक्रोश: ग्रामीणों का कहना है कि यदि पहली घटना के तुरंत बाद प्रशासन सक्रिय होकर इलाके के असुरक्षित बोरवेल और जलस्रोतों का सर्वे कराता, तो शायद यह तीसरी जान बचाई जा सकती थी।

  • परिवार पर दुखों का पहाड़: एक ही सप्ताह के भीतर पिता और दो सगे बेटों को खोने के बाद पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है।

📢 ग्रामीणों ने की निष्पक्ष जांच और मुआवजे की मांग: प्रशासन पर उदासीनता का आरोप

जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के बयान:

  • बीजेपी जिलाध्यक्ष से गुहार: ग्रामीणों के अनुसार, पहली घटना के बाद पार्टी पदाधिकारियों ने भी प्रशासनिक जांच की बात कही थी, किंतु धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं दिखी।

  • सरपंच प्रतिनिधि का बयान: सरपंच पति मनोज तिवारी ने कहा कि दो मौतों के बाद ही प्रशासन से तत्काल जांच और खुले बोरवेलों को सील करने की मांग की गई थी, लेकिन प्रशासनिक उपेक्षा के चलते आज यह स्थिति बनी है।

🏥 बोरवेल में उतरने पर सांस लेने में हुई थी तकलीफ: पुलिस जांच में जुटी

चिकित्सीय व कानूनी प्रक्रिया:

  • जहरीली गैस का अंदेशा: मृतक सतीश के भाई ने बताया कि बोरवेल के पास जाने पर सांस लेने में भारी तकलीफ और मुंह में कड़वाहट महसूस हो रही थी, जिससे जहरीली गैस के रिसाव की आशंका जताई जा रही है।

  • अस्पताल में मृत घोषित: सतीश को गंभीर हालत में पवई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था, जहाँ खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रशांत भदौरिया ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

  • पुलिस जांच जारी: पवई थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मर्ग कायम कर आगे की वैधानिक जांच शुरू कर दी है।