वाल्मीकी निगम में भ्रष्टाचार का मामला अब राजनीतिक चर्चा में
यह उनका दूसरी बार इस्तीफा है
प्रेस कांफ्रेंस कर इसकी जानकारी दी
आरोपों पर खुद को निर्दोष बताया है
राष्ट्रीय खबर
बेंगलुरुः कर्नाटक में महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम से जुड़े बहुचर्चित भ्रष्टाचार मामले में एक नया और बड़ा मोड़ आया है। इस गंभीर विवाद के घेरे में आए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री बी नागेंद्र ने शुक्रवार शाम एक आपातकालीन संवाददाता सम्मेलन बुलाकर अपने पद से त्यागपत्र देने का आधिकारिक ऐलान कर दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नागेंद्र काफी भावुक नजर आए और उनके आंसू निकल पड़े। रोते हुए उन्होंने मीडिया से कहा कि वे नहीं चाहते कि इन आरोपों की वजह से उनकी पार्टी और राज्य सरकार को किसी भी प्रकार की असहजता या राजनीतिक शर्मिंदगी का सामना करना पड़े, इसीलिए वे मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप रहे हैं।
यह पहला मौका नहीं है जब नागेंद्र को इस मामले में अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी है। मई 2024 में जब वाल्मीकि निगम के बैंक खातों से लगभग 89 करोड़ रुपये की अनधिकृत धनराशि के अवैध हस्तांतरण का घपला पहली बार उजागर हुआ था, तब चौतरफा दबाव के चलते नागेंद्र ने जून 2024 में सिद्धारमैया कैबिनेट के जनजातीय कल्याण मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद, राज्य में सत्ता परिवर्तन और डी.के. शिवकुमार के मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद 3 अगस्त 2026 को नागेंद्र को पुनः मंत्रिमंडल में शामिल किया गया और उन्हें योजना एवं सांख्यिकी जैसा महत्वपूर्ण विभाग सौंपा गया। हालांकि, उनकी वापसी के साथ ही राजनीतिक विवाद एक बार फिर गहरा गया।
मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी और जनता दल (सेक्युलर) ने नागेंद्र के दोबारा मंत्री बनने पर कड़ा विरोध जताया। हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष ने सदन के अंदर और बाहर इस मुद्दे पर जमकर हंगामा किया, जिसके परिणामस्वरूप 24 अगस्त को कार्यवाही तय समय से तीन दिन पहले ही अनिश्चित काल के लिए स्थगित करनी पड़ी। इतना ही नहीं, विपक्ष ने सरकार को घेरने के लिए 1 से 10 सितंबर के बीच रायचूर से बल्लारी तक 170 किलोमीटर लंबी विशाल विरोध पदयात्रा निकालने की पूरी तैयारी कर ली थी।
इस पूरे घोटाले की जड़ें मई 2024 में घटी एक दुखद घटना से जुड़ी हैं। निगम के लेखा अधिकारी चंद्रशेखरन पी. ने आत्महत्या कर ली थी और अपने पीछे छोड़े सुसाइड नोट में कई अन्य खातों में अवैध रूप से धन स्थानांतरित किए जाने का सनसनीखेज खुलासा किया था। हालांकि, बी नागेंद्र ने खुद पर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे अपने खिलाफ मनुवादी और दलित विरोधी साजिश करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पूरी तरह निर्दोष हैं और अब सीधे जनता की अदालत में जाकर इस राजनीतिक षड्यंत्र का डटकर मुकाबला करेंगे।