मणिपुर में एनएच2 पर सुचारू रहा सार्वजनिक परिवहन
असम और नागालैंड के बीच ताजा तनाव
मेघालय विवाद से पर्यटन को भारी नुकसान
नागा समूह के खिलाफ दर्ज करायी शिकायतें
भूपेन गोस्वामी
गुवाहाटी: असम-नागालैंड सीमा पर स्थित गोलाघाट ज़िले के ‘नंबर 2 नेघेरीबिल’ गांव में हाल ही में एक नया विवाद सामने आया है। स्थानीय निवासियों ने नागालैंड के एक समूह पर गैर-कानूनी प्रवेश, हमला और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाते हुए मेरापानी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। निवासियों के अनुसार, मामला तब बिगड़ा जब रबर के पौधे ले जा रहे वाहनों ने बेदखली वाले क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश की, जिन्हें असम वन विभाग के कर्मियों ने रोक दिया। इसके बाद लोंगयिम और मिकिरंग गांवों के चेयरमैन हुसैन लोथा के नेतृत्व में 30-40 लोग धारदार हथियारों के साथ आए और स्थानीय लोगों से मारपीट की।
तनाव कम करने के उद्देश्य से आयोजित एक बैठक भी हाथापाई में बदल गई, जिसके बाद सीआरपीएफ और पुलिस बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा। ताकम मिसिंग पोरिन केबांग ने चेतावनी दी है कि यदि वार्ता द्वारा इसका कोई समाधान नहीं निकाला गया, तो वे आर्थिक नाकेबंदी लागू करेंगे। दूसरी ओर, नागालैंड के लोथा लोअर रेंज पब्लिक ऑर्गनाइज़ेशन का दावा है कि यह क्षेत्र उनके अधिकार क्षेत्र में आता है।
मेघालय के पर्यटन मंत्री टिमोथी डी. शिरा ने बताया कि असम के साथ हालिया सीमा विवाद के कारण राज्य के पर्यटन उद्योग को लगभग 100 प्रतिशत का भारी नुकसान उठाना पड़ा। वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध और सड़क जाम के चलते पर्यटकों की संख्या में तीव्र गिरावट आई, जिससे होटल और होमस्टे व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हुए। हालांकि, दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की वार्ता के बाद अब स्थिति सामान्य हो चुकी है और मेघालय सरकार विवाद के दौरान क्षतिग्रस्त असम-पंजीकृत वाहनों के मालिकों को मुआवजा भी प्रदान करेगी।
मणिपुर में लगभग तीन वर्षों के अंतराल के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-2 (इंफाल-दिमापुर-गुवाहाटी मार्ग) पर सार्वजनिक परिवहन सेवा लगातार पांचवें दिन सुचारू रूप से जारी रही। विभिन्न समुदायों के सहयोग से बहाल हुई इस सेवा से यात्रियों को महंगे हवाई सफर से बड़ी राहत मिली है। प्रशासन लगातार सुरक्षा निगरानी रख रहा है, जिसे राज्य में शांति और सामान्य स्थिति लौटने का एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।