अचानक देश में हिंसक गतिविधियों में अत्यधिक बढ़ोत्तरी
बैंकॉकः थाईलैंड की आंतरिक सुरक्षा संचालन कमान (आईएसओसी) द्वारा जारी आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार देर रात दक्षिण थाईलैंड में एक साथ 51 समन्वित और सुनियोजित हिंसक हमले किए गए। इन व्यापक हमलों की चपेट में आने से कई स्थानीय सरकारी कार्यालयों, सुरक्षा चौकियों और वाहनों को गंभीर नुकसान पहुंचा है, तथा कुछ हिस्से पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं। इस अभूतपूर्व हिंसा में शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक कम से कम तीन आम नागरिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
हिंसा का सबसे गंभीर केंद्र नाराथिवात प्रांत रहा, जहां तीन नागरिक घायल हुए। स्थिति की नजाकत को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से रात का कर्फ्यू लागू कर दिया है ताकि सुरक्षा प्रबंधों को कड़ा किया जा सके और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसी जा सके। नाराथिवात के अलावा, याला और पट्टानी जैसे पड़ोसी दक्षिणी प्रांतों में भी एक साथ कई स्थानों पर बम धमाकों और गोलीबारी की घटनाएं दर्ज की गईं। यह हिंसा ऐसे समय पर हुई है जब थाई प्रधानमंत्री अनटिन चर्नविराकुल और उनके मंत्रिमंडल के प्रमुख सदस्यों का आगामी दौरा इन क्षेत्रों में प्रस्तावित है। इस हाई-प्रोफाइल यात्रा से ठीक पहले हुई इस बड़ी घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है।
बौद्ध बहुल थाईलैंड के इन सबसे दक्षिणी प्रांतों में वर्ष 2004 से ही अलगाववादी संघर्ष जारी है। यहाँ की स्थानीय मुस्लिम बहुल आबादी लंबे समय से अधिक स्वायत्तता (स्वशासन) और सांस्कृतिक पहचान की मांग को लेकर मुखर रही है। पिछले दो दशकों में चले आ रहे इस संघर्ष और हिंसक झड़पों के कारण अब तक 7,000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। शनिवार को हुए इन 51 हमलों की श्रृंखला की जिम्मेदारी अभी तक किसी भी विद्रोही या आतंकवादी संगठन ने आधिकारिक तौर पर नहीं ली है।
घटना के तुरंत बाद, देश की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। स्थिति का जायजा लेने के लिए उच्च स्तर पर आपातकालीन बैठकें बुलाई गई हैं। सुरक्षा बलों ने प्रभावित क्षेत्रों में तलाशी अभियान तेज कर दिया है और इस बड़े पैमाने पर किए गए हमलों के पीछे के मास्टरमाइंड तथा शामिल संगठनों का पता लगाने के लिए गहन जांच शुरू कर दी है।