चंडीगढ़ / अमृतसर (पंजाब): पंजाब कांग्रेस इकाई में जारी अंदरूनी मतभेदों और संगठनात्मक खींचतान के बीच पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने अपनी सक्रियता तेज कर दी है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश संगठन में व्याप्त गुटबाजी को समाप्त करने की कवायद के तहत लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इसी महीने के अंत में पंजाब का दौरा कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी के अमृतसर आगमन की प्रबल संभावना है, जहां वे सबसे पहले सचखंड श्री हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) में नतमस्तक होकर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। उनके इस संभावित दौरे को लेकर पंजाब के तमाम वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं में सियासी हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि इस प्रवास के दौरान राज्य इकाई के प्रमुख नेताओं के साथ कई दौर की गोपनीय और अहम बैठकें हो सकती हैं, हालांकि अभी अंतिम आधिकारिक कार्यक्रम आना शेष है।
🏛️ दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व के साथ बैठकों का दौर, प्रताप सिंह बाजवा ने मांगा समय
पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान और संगठनात्मक ढांचे को दुरुस्त करने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता लगातार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं।
केंद्रीय आलाकमान के साथ हो रही इन उच्चस्तरीय बैठकों में पंजाब की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों, जमीनी समीकरणों और चुनावी तैयारियों को लेकर गंभीर मंथन चल रहा है। इसी क्रम में पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने दिल्ली में राहुल गांधी से विस्तृत मुलाकात की है। सूत्रों का कहना है कि बाजवा ने पंजाब के सभी कांग्रेस विधायकों के साथ राहुल गांधी की एक विशेष संयुक्त बैठक आयोजित करने के लिए समय की मांग की है, ताकि सभी जनप्रतिनिधियों के विचारों को सीधे सुना जा सके।
🗳️ विधानसभा चुनाव से पहले संगठन में एकजुटता की कवायद, बैठकों पर टिकीं निगाहें
पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस आलाकमान का पूरा प्रयास है कि चुनाव में उतरने से पूर्व पार्टी की आपसी गुटबाजी को पूरी तरह समाप्त किया जाए और सभी धड़ों को एक मंच पर लाया जाए।
राहुल गांधी का यह अमृतसर दौरा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित न होकर चुनावी रणनीति और एकजुटता का संदेश देने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वर्तमान में राजनीतिक विश्लेषकों और पार्टी कार्यकर्ताओं की निगाहें राहुल गांधी के दौरे के आधिकारिक शेड्यूल पर टिकी हैं। यदि यह दौरा औपचारिक रूप से तय होता है, तो गुरु घर में शीश नवाने के साथ-साथ पंजाब कांग्रेस के भविष्य की दिशा तय करने वाली इन बैठकों पर पूरे राज्य की नजर रहेगी।